अमर उजाला को बताया कि राममंदिर निर्माण से उनके भाइयों का सपना पूरा हो रहा है। उनके सपने को पूरा होते देखना जीवन का सबसे सुखद क्षण है। ट्रस्ट की ओर से उन्हें व परिजनों को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। समारेाह में वे भी रामलला के भक्तों की सेवा के लिए 10 दिवसीय जलपान शिविर लगाने जा रही हैं। इसकी अनुमति ट्रस्ट की ओर से मिल गई है। यह शिविर 16 से 24 जनवरी तक लगाया जाएगा।
संग्रहालय में सहेजा जाए मंदिर आंदोलन का इतिहास
पूर्णिमा कोठारी ने कहा कि राममंदिर आंदोलन स्वतंत्रता आंदोलन से कम नहीं था। श्रीराम के प्रति आस्था का चरम इस कदर था कि पांच सौ सालों तक चले संघर्ष में लाखों ने जान गंवाई। युवा पीढ़ी मंदिर आंदोलन को याद रखे इसलिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अपील है कि संग्रहालय बनाकर आंदोलन का सुदीर्घ इतिहास संरक्षित किया जाना चाहिए। इसको लेकर उनकी चंपत राय से बात भी हुई है। उन्होंने संग्रहालय के निर्माण के लिए आश्वस्त किया है।