सतीश चंद्र ने कहा कि आज भाजपा में ब्राह्मण नेता गुलदस्ता बने हुए हैं। जब भी गोली मारी जाती है घर गिराए जाते हैं, बुलडोजर चलाए जाते हैं तो यह बिल से निकलकर बाहर आते हैं और कहते हैं अच्छा हुआ। जबकि हाल यह है कि विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण लोग अपना कार्य नहीं करा पा रहे हैं। तिलक-तराजू और तलवार... जैसे नारे का प्रयोग बसपा ने कभी नहीं किया, जबकि इसका प्रयोग कर भाजपा प्रबुद्घ वर्ग का अपमान कर रही है। इनके लोग अपमानित होकर हमारे पास आते हैं, कहते हैं कि नहीं बोलेंगे तो बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
एक-एक एनकाउंटर का हिसाब होगा
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में फिल्मी स्टाइल में एनकाउंटर हो रहे हैं पहले रोको फिर जात पूछो उसके बाद ठोंक दो। बीते साढ़े चार साल में प्रदेश में गाड़ी फिसलने व शूटआउट में 400 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या की गई है। उन्नाव का कांड व लखनऊ का विवेक तिवारी कांड इसका मुख्य उदाहरण है। सरकार बनने पर इन सभी एनकाउंटरों को पूरा हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खुशी का क्या कसूर था, शादी के दो दिन बाद पुलिस ने उसके साथ बर्बरता करते हुए अरेस्ट कर लिया और जेल में ठूंस दिया। बाद में उसके नाबालिग साबित हो जाने के बाद उसे बाराबंकी भेज दिया गया। यही नहीं उसे जमानत न मिले इसके लिए अधीक्षिका से पत्र लिखवाया गया कि दो कमरों में 48 लड़कियां हैं जिनमें 47 लड़कियां कहती हैं कि खुशी उन्हें धमकी देती है। यह कैसी सोच व मानसिकता है।
श्रीराम से मांगी, सरकार में बैठे लोगों के लिए सदबुद्धि
बसपा महासचिव ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम, बजरंगबली व मां सरयू का पूजन करने के दौरान उनसे निवेदन किया कि प्रभु सरकार में बैठे लोगों को सदबुद्धि दें। वह समाज को न बांटे, ब्राह्मणों-दलितों का सम्मान करें, उनका उत्पीड़न न करें। हालांकि ऐसा होने की उम्मीद मुझे नहीं है।
पहले करते थे विरोध आज बैठ गए गोदी में
बसपा नेता ने बिना किसी का नाम लिया कहा कि यह वही कांग्रेसी नेता हैं जो अभी कुछ दिन पूर्व ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचार को लेकर भाजपा का विरोध कर रहे थे, लेकिन पता नहीं क्या परिवर्तन हुआ कि वह उनकी गोदी में बैठ गए। सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तो सरेआम कहती है कि ब्राह्मण हमारा सबसे बड़ा विरोधी है। कांग्रेस पर कहा कि आज उनके पास बोलने के लिए कुछ भी नहीं है।