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अवध विवि के पुरातन छात्र समागम में घोषणाओं की झड़ी

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अवध विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र समागम में घोषणाओं की झड़ी
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 43 वें स्थापना दिवस पर मंगलवार को आयोजित प्रथम पुरातन छात्र समागम में घोषणाओं की झड़ी लग गई। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने एलुमिनाई के विश्वविद्यालय में रुकने के लिए गेस्ट हाउस बनाने और विश्वविद्यालय परिसर में बनने वाले स्पोर्ट्स स्टेडियम में अरुणिमा वाल बनाए जाने की घोषणा की है। फॉलकान के चैयरमैन आरपीएन सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर को बिजली समस्या की कटौती से मुक्ति दिलाने के लिए 25 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने व अरुणिमा सिन्हा को आटलांटिक भेजने के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही एसएस आर्य की संचालिका मिथिलेश सिंह ने एलुमिनी एसोसिएशन को पांच लाख रुपये चंदा दिया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व केएनआई तकनीक संस्थान के डायरेक्टर डॉ. जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि सभी संबद्ध महाविद्यालयों में भी छात्र पुरातन सभा का गठन कराएं व इसको विश्वविद्यालय की छात्र पुरातन सभा से जोड़ें। ऐसा होने से विश्वविद्यालय का विकास संभव हो पाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय को राज्यों के शीर्ष विश्वविद्यालयों में स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है। छात्र पुरातन समागम का उद्देश्य पुरातन छात्रों के नेटवर्क को व्यापक करना है। विश्वविद्यालय को साधन-संपन्न बनाए रखने में पुरातन छात्र-छात्राओं की अहम भूमिका हो सकती है। विशिष्ट अतिथि पूर्व न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने कहा कि शिक्षा का स्तर गुणवत्तापरक होना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि छात्र अपने जीवन में संयम का पाठ सीखें। क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में संयम ही मार्ग प्रशस्त करता है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में फूलों की होली व संगीत संध्या का आयोजन हुआ। संगीत संध्या में सूफी गजल गायक रोहित हितेश्वर के बोल पर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम का संचालन समन्वयक विवेकानन्द पांडेय एवं शैलेंद्र कुमार ने किया। पुरातन छात्र सभा के सचिव प्रो. जसवंत सिंह द्वारा अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कार्यपरिषद के सदस्य एवं कार्यक्रम के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह एवं डॉ. विनोद चौधरी समेत बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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सम्मान के बाद उत्साह से लबरेज दिखे पुरातन छात्र
प्रथम पुरातन छात्र समागम के एसोसिएशन के लोगों ने अपने पुरातन छात्रों को सम्मानित किया। पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री, पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा, समाज सेवी मिथिलेश सिंह, प्रशासक अमरनाथ दूबे, वैज्ञानिक डॉ. मो. शकील खां एवं डॉ. शिवेन्द्र मौर्य, कथामर्मज्ञ डॉ. सुनीता शास्त्री को कुलपति की ओर से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पुरातन छात्र उत्साह से लबरेज दिखाई दिए। स्थापना दिवस के अनुक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. प्रवीण सिंह सावंत, प्रो. एसएन शुक्ल, प्रो. जसवंत सिंह, डॉ. नीलम यादव, डॉ. सिकंदर लाल, निधि सिंह पटेल, सार्थक श्रीवास्तव, प्रीती गुप्ता, विजय लक्ष्मी, योगेष्वर प्रसाद समेत कुल 13 को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विश्वविद्यालय स्थापना के लिए संसद में पर्चा फेंकने वाले राममूर्ति सिंह को कुलपति ने अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न सौंप कर सम्मानित किया।

पूर्व सांसद ने सुनाए तीन संस्मण
सभा का संबोधित करते हुए पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री ने कहा कि पुरातन छात्र परिषद का गठन विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि है। ऐसे कार्यक्रम से विश्वविद्यालय परिवार की समृद्ध परम्परा विकसित होगी जो विश्वपटल पर इसे एक नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने अवध विश्वविद्यालय से संबंधित अपने तीन संस्मण भी सुनाए। खास तौर पर विश्वविद्यालय के आंदोलन की बात बताई कि किस तरह से पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय के नेतृत्व में लड़ाई लड़ी गई।
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विकल्प नहीं संकल्प की आवश्यकता
पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में सफल होने के लिए विकल्प नहीं संकल्प की आवश्यकता होती है। चुनौती का सामना करना प्रत्येक व्यक्ति का परम दायित्व है। क्योंकि हम अपने भाग्य के लेखक होते है। प्रत्येक के जीवन में चढ़ाव व उतार आता है आत्मविश्वास आने वाले थपेड़ो से लड़ने की क्षमता देता है।
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