ईद को लेकर बाजारों में चहल-पहल और खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ बढ़ गई है। शहर की करीब 80 मस्जिदों में तरबीह की नमाज होगी। इनमें यह तराबीह 16 दिनों तक चलेगी। इसकी तैयारी समाज में जोश-खरोश के साथ शुरू हो चुकी है।
मरकजी अंजुमन तब्लीग अहले सुन्नत जामा मस्जिद टाटशाह चौक के सचिव अफजाल अहमद ने बताया कि पुण्य कमाने के लिए हर छोटा बच्चा, जवान, बूढ़ा, इबादत में जुटेगा। कहते हैं रमजान के महीने में जन्नत का दरवाजा खुल जाता है। दोजख (नरक) का द्वार बंद हो जाता है।
इस दौरान जो भी इबादत की जाती है, उसका 70 लाख गुना पुण्य (शबाब) मिलता है। पहली बार रोजा रखने वाले बच्चों में इसके प्रति ज्यादा उत्सुकता है।
रोजा रखने के लिए महिलाएं भी खरीद फरोख्त में जुट गई हैं। उनका जोर फिलहाल चना, मटर, बेसन, तेल, खजूर, नमकीन और फुल्की जैसे सूखे व जल्द खराब न होने वाले खाद्य पदार्थों पर है। मस्जिदों को सजाने-संवारने के साथ ही रंगरोगन का कार्य आखिरी चरण में है।
-रमजान महीना अल्लाह का महीना है। इसमे बेशुमार बरकतें शामिल होती हैं। गरीब जकात व फितरा लेने के लिए आस लगाये रहते हैं।- मौ. मो जमीर, मस्जिद टाटशाह
- मस्जिदों में रोजा खुलवाए जाने की तैयारी है। मस्जिदों के मुतवल्ली और पेश नमाज पूरे 30 दिनों की व्यवस्था के लिए खरीद-फरोख्त करवा रहे हैं। इमामबाड़ा, जामा मस्जिद चौक में अफ्तार के लिए कुक रखे गए हैं।-हाजी अब्दुल हफीज, कोठापार्चा।
-पवित्र रमजान पर मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई व प्रकाश रहेगा। प्रतिदिन चूना छिड़काव होगा। जलापूर्ति में व्यवधान न आए इसके लिए बिजली विभाग से सेहरी, अफ्तार और तरावीह के समय बिजली कटौती न किये जाने का का अनुरोध किया है। एडीएम सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से बिजली विभाग को पत्र लिखा गया है। -विजय कुमार गुप्त, चेयरमैन, नपा-फैजाबाद।