अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। मंदिर निर्माण के तीसरे चरण के तहत मंदिर की प्लिंथ (चबूतरा) का काम चल रहा है। सात लेयर में बनने वाली 21 फिट ऊंची प्लिंथ की पांचवीं लेयर ढालने का काम अभी चल रहा है। पांच अगस्त 2020 को भूमिपूजन के बाद शुरू हुए राममंदिर निर्माण कार्य में अब तक करीब दो सौ करोड़ रूपए खर्च हो चुके हैं। मंदिर निर्माण में 1100 करोड़ व्यय होंगे। राममंदिर के साथ रामजन्मभूमि परिसर में कई अन्य प्रकल्पों का भी निर्माण किया जाएगा।
राममंदिर निर्माण कार्य में टाटा कंसल्टेंसी व लार्सन एंड टुब्रो को लगाया गया है। शुरूआत में वर्ष 2020-21 में मंदिर निर्माण में केवल 12 करोड़ ही खर्च हुए थे, लेकिन 2021-22 में मंदिर निर्माण में 180 करोड़ से अधिक खर्च किया जा चुका है। मंदिर निर्माण में बड़ी-बड़ी मशीनों का भी प्रयोग हो रहा है, जिसके मद में भी रुपए खर्च हुए हैं। वहीं राजस्थान, तेलंगाना व कर्नाटक से पत्थरों की आपूर्ति में भी कई लाख व्यय हुए हैं।
रामजन्मभूमि के 70 एकड़ परिसर को विस्तारित करने के लिए विगत कुछ महीनों में ट्रस्ट ने कई जमीनों व मंदिरों को भी अधिग्रहीत किया है। जानकारी के अनुसार ट्रस्ट मंदिर परिसर के विस्तार के लिए अब तक करीब 62 करोड़ की जमीन खरीद चुका है। साथ ही कई मंदिर भी ट्रस्ट ने मंदिर के स्वामियों की सहमति के आधार पर लिए हैं। इसके लिए भी ट्रस्ट ने कई करोड़ कीमत चुकाई है।
जानकारी के अनुसार ट्रस्ट ने पूंजीगत व्यय के तहत क्रमश: 17 करोड़ एवं 45 करोड़ से विस्तार के लिए पांच एकड़ जमीन क्रय की है। ट्रस्ट द्वारा भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने के लिए भी तमाम संसाधन जुटाए गए हैं। ट्रस्ट को प्रतिदिन लाखों का दान भी मिल रहा है। राममंदिर निर्माण के लिए पूरे देश में चलाए गए निधि समर्पण अभियान से ही ट्रस्ट को करीब 3500 करोड़ का दान प्राप्त हो चुका है, जबकि अभी कई राज्यों से मिले दान की ऑडिट रिपोर्ट ही नहीं तैयार हुई है।
ट्रस्ट सूत्रों का मानना है कि निधि समर्पण अभियान में करीब 5500 करोड़ की समर्पण राशि प्राप्त हुई है। राममंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल जी बताते हैं कि राममंदिर निर्माण में अब तक लगभग दो सौ करोड़ व्यय हो चुका है। ट्रस्ट का मानना है कि मंदिर निर्माण में करीब 1100 करोड़ का व्यय होगा, राममंदिर के अलावा अन्य कई प्रकल्प भी परिसर में निर्मित किए जाएंगे।
हर महीने 50 लाख तक आ रहा चढ़ावा
राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही रामलला के चढ़ावे में कई गुना वृद्धि हुई है। राममंदिर निर्माण से पहले जहां रामलला का चढ़ावा आठ से दस लाख प्रतिमाह होता था। वह राममंदिर शुरू होने के बाद तीन गुना बढ़कर 25 से तीस लाख पहुंच गया। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि जब से राममंदिर निर्माण कार्य देखने की सुविधा ट्रस्ट की ओर से की गई है, तब से न सिर्फ भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ी है बल्कि रामलला के चढ़ावे में भी वृद्धि हुई है।
बताया कि पिछले कुछ महीनों में रामलला को रिकार्ड चढ़ावा मिला था। एक माह में 70 से 75 लाख तक का चढ़ावा आया। कहा कि अभी हर महीने रामलला के दानपात्र में करीब पचास लाख का चढ़ावा आ रहा है। ट्रस्ट कार्यालय पर प्रतिदिन हजारों की नगदी सहित चेक, ऑनलाइन माध्यम से लाखों का दान आ रहा है।