अयोध्या। आज के अभिमन्यु नाम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुके 15 साल के मृगेंद्र राज ने आठवां विश्व रिकॉर्ड बनाकर रामनगरी का नाम रोशन किया है।
200 पुस्तकों की रचना, 110 व्यक्तित्व की बायोग्राफी व आठ वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित सैकड़ों अन्य अवार्ड.. मृगेंद्र राज की यह उपलब्धि अचंभित कर देने वाली है।
अभी हाल ही में मृगेंद्र ने देश की 51 नदियों पर पुस्तक लिखकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इससे पहले भी वह रामायण के 51 पात्रों पर पुस्तक लिख रिकॉर्ड बना चुके हैं।
अयोध्या निवासी 15 वर्षीय कक्षा 10 के छात्र मृगेंद्र राज पांडेय ने इस साल एक बार फिर पुस्तक लेखन करते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस नन्हें लेखक द्वारा विविध विषयों पर लेखन करते हुए हर वर्ष वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जा रहा है।
मृगेंद्र ने छह वर्ष की उम्र में 2014 में उद्भव नामक काव्य संग्रह लिखकर यंगेस्ट पोएट ऑफ द वर्ल्ड का रिकॉर्ड दर्ज कराया था। इसके बाद वे लगातार रिकॉर्ड बनाते आ रहे हैं।
नन्हें साहित्य साधक की यह उपलब्धि बड़े-बड़े साहित्यकारों को भी अंचभित कर देती है। इसके पूर्व मृगेंद्र द्वारा भारत की 51 नदियों पर पुस्तक लिखी गई है, जो विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हुई है।
मृगेंद्र ने रामायण के पात्रों पर 51 पुस्तकें, महिला क्रांतिकारियों पर 45 पुस्तकें, काव्य संग्रह, उपन्यास व 110 से अधिक बायोग्राफी लिख कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है।
अपनी अद्भुत मेधा शक्ति से बचपन से ही अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहचान बनाने वाला मृगेंद्र कठिन प्रश्नों का उत्तर देने की प्रतिभा से युक्त है। मृगेंद्र अपनी इस विशिष्टता से बड़े-बड़े दिग्गजों को विभिन्न मंचों पर आश्चर्य चकित कर चुके हैं।
आठ विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले मृगेंद्र को अभी तक 100 से अधिक अवॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं। अनेक विश्व विद्यालयों, संस्थानों में लेक्चर देने के लिए आमंत्रित किया जा चुका है।
मृगेंद्र की खासियत यह है कि काव्य रचना, विविध विषयों पर लिखने के साथ-साथ अनेक विधाओं पर गहन जानकारी है। जिसके चलते टेलीविजन के विभिन्न कार्यक्रमों में आमंत्रित किए जाते रहते हैं।
मृगेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोग्राफी काव्य रूप में लिख डाली है व कई मंत्रियों सहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी बायोग्राफी लिख चुके हैं।
इसके अलावा अनेक शख्सियतों जैसे अनूप जलोटा, फिल्मकार प्रकाश झा, अभिनेता सलमान खान, उद्योग पति रतन टाटा, बीके बिरला, पद्मश्री मो.शरीफ आदि शामिल हैं।
वह पीएम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें बायोग्राफी भेंट करना चाहते हैं। मृगेंद्र के पिता राजेश पांडेय गन्ना विभाग में कार्यरत हैं। माता डॉ. शक्ति पांडेय सुल्तानपुर के गनपत सहाय महाविद्यालय में शिक्षिका हैं।
आर्थिक तंगी आड़े आने के चलते इस होनहार की उड़ान में रुकावटें आती रहती हैं। माता-पिता द्वारा कर्ज लेकर इसके पंखों में ताकत भरने में पूर्ण समर्पण दिखता है। पिता राजेश पांडेय कहते हैं कि मृगेंद्र के इस महायज्ञ में वह अपने जीवन की सारी पूंजी की आहुति कर रहे हैं।
अयोध्या-परिवार के संग मौजूद मृगेंद्रराज।-संवाद- फोटो : FAIZABAD