इस योजना के तहत जिले की 110 ग्राम पंचायतों को शामिल करने की विकास प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था में ऑनलाइन काम करने में सुविधा होगी। इससे और बेहतर परिणाम की उम्मीद की जा रही है।
मनरेगा के लिए नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की गई है। बताया गया है कि जिन ग्राम पंचायतों में पिछले साल अपने लेबर बजट के सापेक्ष लगभग 70 फीसदी से ज्यादा मानव दिवस का सृजन किया है।
उन ग्राम पंचायतों को मनरेगा से टैबलेट दिए जाने की व्यवस्था बनाई गई है। मनरेगा में ज्यादातर अभिलेखीय कार्य ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था है। हालांकि मनरेगा के तहत प्रत्येक ब्लॉक में पूरा मनरेगा सेल काम करता है।
इसमें फीडिंग के साथ ही एमआईएस और दूसरे कार्य ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था है। लेकिन इसके बावजूद विलंब की स्थिति बनती है।
मनरेगा में रोजगार सृजन की गति को बढ़ाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बेहतर मानव दिवस सृजन करने वाली ग्राम पंचायतों को टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा।
यह टैबलेट ग्राम पंचायत की अमानत होगी। इसे प्रधान और सचिव के संरक्षण में रखा जाएगा। जिले में 729 में से ऐसी 110 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है जिन्होंने लक्ष्य के 70 फीसदी से ज्यादा मानव दिवस का सृजन किया है।
अब इन्हें टैबलेट दिए जाने की तैयारी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से मांग पत्र और कंपनियों से खरीद की प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबर है।
डीसी मनरेगा वीएन शुक्ल ने बताया कि जिले में 110 ग्राम पंचायतें टैबलेट पाने की श्रेणी में पाई गई है। इनकी सूची बनाकर कार्रवाई शुरू की जा रही है। इन गांवों को बेहतर कार्य करने के लिए टैबलेट दिया जाएगा।