फेसबुक पर बने दोस्तों के चक्कर में एक परिवार की हंसती खेलती गृहस्थी ‘तबाह’ होने के कगार पर पहुंच गई है।
कोर्ट के परिवार परामर्श केंद्र में भी मामला पहुंचा, लेकिन बात नहीं बन सकी। महिला किसी भी हालत में पति के साथ रहने को तैयार नहीं थी। काउंसलर ने समझौते की बात कही तो महिला ने हंगामा शुरू कर दिया।
रामगंगा विहार निवासी रिटायर्ड ट्रेड टैक्स आफिसर की बेटी की शादी तेरह साल पहले नवी मुंबई में रहने वाले एक इंजीनियर से हुई। दोनों के एक बेटा व एक बेटी है।
पति ने काउंसलर को बताया, करीब डेढ़ साल पहले उसकी पत्नी ने फेसबुक एकाउंट बनाया। साल भर पहले उसने फेसबुक फ्रेंड्स को घर बुलाने की बात कही, इस पर उन्होंने साफ मना कर दिया। यहीं से घर में कलह की शुरुआत हो गई। बात पुलिस तक पहुंच गई। सितंबर में नवी मुंबई थाने में भी पंचायत हुई।
लिखित समझौते के बाद महिला ने स्वेच्छा से कुछ दिनों के लिए मुरादाबाद आने की बात कही। यहां आकर उसने कोर्ट में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। कोर्ट ने परामर्श केंद्र को मामला ट्रांसफर कर दिया। काउंसलर आशेंद्र अग्रवाल ने मंगलवार को दोनों पक्षों की मौजूदगी में सुनवाई की। महिला का कहना था कि पति उसे व उसकी बेटी को मारता पीटता है।
घर से पैसा मंगवाने की बात कहता है। इसी के चलते वह अपनी बेटी को लेकर मायके आ गई। काउंसलर के सामने महिला ने किसी भी सूरत में पति के साथ न रहने की बात कहकर समझौते के रास्ते बंद कर दिए। दोनों अपने-अपने घर लौट गए।