एक वर्ष से भी कम पुराने उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में आज 12 नए मंत्री शामिल किए गए। मंत्रिपरिषद में एक कैबिनेट स्तर के मंत्री सहित 11 राज्य स्तर के मंत्रियों को शामिल किया गया है।
मंत्रिपरिषद में वरिष्ठ सपा नेता राजेंद्र चौधरी को कैबिनेट स्तर का मंत्री बनाया गया है। विजय कुमार मिश्र को स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया है।
राममूर्ति वर्मा, विनोद कुमार सिंह ऊर्फ पंडित सिंह, विजय बहादुर पाल, आलोक कुमार शाक्य, रामसकल गूजर, मनोज कुमार पांडेय, गायत्री प्रसाद प्रजापति, नितिन अग्रवाल, तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय, योगेश प्रताप सिंह ऊर्फ योगेश भईया को राज्य स्तर का मंत्री बनाया गया है।
अखिलेश यादव ने मंत्रिपरिषद विस्तार में सवर्ण और अतिपिछड़ा जातियों को व्यापक प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। शपथ लेने वालों में पांच अन्य पिछडे़ वर्ग के, जबकि तीन ब्राह्मणों, दो राजपूत तथा एक जाट एवं एक वैश्य को जगह दी गई है। मुख्यमंत्री की इस कवायद को लोकसभा चुनावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की थी। इसके बाद प्रदेश मंत्रिपरिषद के विस्तार की चर्चा तेज हो गई थी। दरअसल सरकार का मकसद बजट सत्र में विधानसभा में नए चेहरों के साथ जाना है। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव कुछ मंत्रियों के कामकाज और अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जता चुके हैं।
वह लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जनता में अच्छा संदेश देने के लिए सरकार का चेहरा बदलना चाहते थे। चर्चा है कि सरकार का चेहरा बदलने के बाद नौकरशाही में भी बदलाव किया जाएगा।
पिछले वर्ष मार्च में सरकार के गठन के बाद मंत्रिपरिषद का यह पहला विस्तार है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 मार्च को शपथ ली थी। अखिलेश को मिलाकर कैबिनेट व राज्यमंत्रियों सहित कुल 48 सदस्यीय मंत्रिपरिषद ने शपथ ली थी। बाद में विवादों के चलते राजस्व राज्यमंत्री गोंडा के विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह को मंत्रिपरिषद से त्यागपत्र देना पड़ा था।
पद से हटाए गए थे पंडित सिंह
गोंडा विधायक विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह को अक्टूबर में विवादों के चलते मंत्रिपरिषद से हटा दिया गया था। हालांकि आज उन्हें दोबारा शामिल किया गया। अक्टूबर में उन्हें अपने जिले के सीएमओ से मारपीट के आरोप में त्यागपत्र देना पड़ा था।