राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम शाहपुर क्षेत्र के काकड़ा गांव में पहुंची तो छात्राओं ने उन्हें घेर लिया।
गांव की बेटियों ने कहा कि स्कूल, कॉलेज आने-जाने में छेड़छाड़ की जाती है। महिलाएं भी कह उठीं कि मैडम, अब इन बेटियों को हम कहां ले जाएं।
पुरबालियान के हमले में मारे गए काकड़ा निवासी विकास के घर पहुंची महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने परिजनों को ढांढस बंधाया और घटना की जानकारी ली।
इसी दौरान गांव की बेटियों ने कहा कि घर से कॉलेज तक की आवाजाही मानसिक पीड़ा बन चुकी है। बसें भी सुरक्षित नहीं और सड़कें भी। पुलिस का खौफ ही खत्म हो गया है। हालात यह है कि गांव से शहर के डिग्री कालेजों में पहुंचना लड़कियों के लिए मुश्किल है।
एक कॉलेज की एक छात्रा ने बताया कि हम अपने परिवार वालों से कब तक शिकायत करें। छेड़छाड़ झगड़े की जड़ बन चुकी है। बेटियां कई बार भावुक हुईं। बुजुर्ग महिलाओं को भी कहना पड़ा कि बेटियों को पढ़ाना तो मुसीबत बन गया है।
ममता शर्मा ने सभी की पीड़ा सुनी और आश्वासन दिया कि छेड़छाड़ पर आयोग गंभीर है। शीघ्र ही केंद्र सरकार को इस संदर्भ में रिपोर्ट दी जाएगी।
मृतक विकास की मां सुरेश देवी ने आयोग को बताया कि उसके 23 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या की गई। इसके बाद ममता शर्मा ने एसएसपी से दो माह की छेड़खानी की घटनाओं का रिकॉर्ड तलब किया।
गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रहा है दूध
बसीकलां के कैंप में मौजूद 12 गर्भवती और नवजात शिशुओं को जन्म देने वाली दो महिलाओं को दूध और घी नहीं मिलने पर आयोग की अध्यक्ष ने नाराजगी जताई।
सीएमओ डॉ. वीके जौहरी को निर्देश दिए कि इन महिलाओं को तीन समय दूध दिए जाने की व्यवस्था तुरंत करें। आयोग की टीम ने महिलाओं से एक-एक कर बात की। महिलाओं ने अपनी पीड़ा भी उनके सामने रखी।