फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुजफ्फरनगरः 5000 शरणार्थी घर लौटे, कई ने मना किया

Fri, 20 Sep 2013 12:22 PM IST
अमर उजाला शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
हिंसा की मार से पलायन कर गए लोगों की घर वापसी के लिए प्रशासन के साथ ही नागरिकों ने अपने स्तर प्रयास तेज कर दिए हैं।
विज्ञापन


बागपत जनपद के किरठल-बिराल और शामली के चूनसा गांव के 221 लोग अपने घरों को लौट गए। जिले में अब तक पांच हजार से अधिक लोग घर लौट चुके हैं।

केवल लिसाढ़, बहावड़ी, लांक आदि स्थानों के लोग अभी तक घर लौटने को राजी नहीं हो रहे। सांप्रदायिक हिंसा के बाद गांवों से पलायन कर आ गए परिवारों को घर वापस लाने के प्रयास रंग लाने लगे हैं।

गांव के प्रधान-बड़े बुजुर्गों ने इसकी पहल की है। बागपत जिले के किरठल से एक सौ से अधिक लोग परिवार सहित कैराना के पालिका चेयरमैन हाजी मौहम्मद राशिद के आवास पर विस्थापित हो गए थे।
विज्ञापन


किरठल निवासी गय्यूर, फैय्याज, इलियास, बाबू, शौकीन, अनीसा, खुर्शीदा आदि ने बताया कि गांव छोड़ते समय भी ग्राम प्रधान कृष्णपाल ने सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए पलायन करने से रोका था लेकिन दहशत के कारण वह गांव छोड़कर आ गए।

हाजी राशिद ने बताया कि बुधवार को रमाला सीओ राजेश कुमार सहित बागपत जनपद के कुछ प्रशासनिक अधिकारी  यहां पहुंचे ओर इन परिवारों की मान मन्नौवल कर ले जाने का प्रयास किया।

बृहस्पतिवार को किरठल के ग्राम प्रधान कृष्णपाल और नरेंद्र के साथ रमाला थाने के साथ पुलिस के अलावा एसडीएम यहां पहुंचे।

मृतकों के परिजनों को दस लाख की मदद
शामली। जिला प्रशासन ने सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए नौ लोगों के परिजनों को 10-10 लाख की धनराशि की मदद दी गई है।

जिला सूचना अधिकारी दिनेश चंद शर्मा ने बताया कि लांक निवासी मृतक अबुल हसन, ताहिर मेहरदीन, तासिम, अब्दुल वहीद और बहावड़ी के तीन मृतकों को 10-10 लाख और गंभीर रूप से घायल बहावड़ी के योगेंद्र ,लियाकत, लांक के शकरून, सिभालखा निवासी रश्मि, शौकत सहित पांच घायलों को 50-50 हजार के ड्राफ्ट दिए गए हैं।
विज्ञापन


अन्य घायलों में बहावड़ी के ऋषिपाल, राजेंद्र, उपेंद्र, हैरुनिशां, कुमारी अक्ष को 20-20 हजार की मदद दी गई है।

रोसा रखिए न्याय जरूर मिलेगा: वजाहत
अल्पसंख्यक कल्याण आयोग के अध्यक्ष वजाहत उबैदुल्ला ने राहत शिविर में रह रहे लोगों से कहा कि वह भरोसा रखें, न्याय जरूर मिलेगा। यह मुल्क आपका है, आप जहां चाहे रहो।

अच्छा यही रहेगा कि विश्वास बहाली हो और आप लोग अपने घरों को लौट जाएं। जब तक सुरक्षा की गारंटी न हो जाए, तब तक वापस जाने के लिए नहीं कहूंगा।

बसीकलां के राहत शिविर में आयोग के अध्यक्ष ने लोगों को समझाया कि आप देश के नागरिक हैं। अपने घर वापस लौटने के लिए मन बनाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें