भरथना/इटावा। युवक की मौत के बाद पिता की दूसरी ससुराल में अंतिम संस्कार की तैयारी चल रहीं थीं। नाना और मामा ने पुलिस बुलाकर पिता पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पिता को हिरासत में ले लिया है।
भरथना के इंद्रानगर निवासी सुधांशु यादव (24) पुत्र राजेश यादव की रविवार को कानपुर में मौत हो गई। राजेश शव नगला गुदे लाए थे। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रहीं थीं। इसी बीच नाना श्याम बाबू, मामा सर्वेश और विमल वहां पहुंच गए। हत्या का आरोप लगाकर पुुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने राजेश को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
श्याम बाबू ने बताया कि बेटी अर्चना की शादी दिसंबर 1996 में कानपुर नगर के चकेरी थाना क्षेत्र के हरजेंद्र नगर फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी राजेश यादव पुत्र गंगा सागर यादव से की थी। 1999 में ससुराल वालों ने मारपीट कर अर्चना हत्या कर दी थी।
श्याम बाबू ने पंद्रह माह के नाती सुधांशु को भरथना ले आए थे। राजेश, उनके पिता और मां के खिलाफ अर्चना की हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। कानपुर की कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में तीनों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। बाद में राजेश ने नगला गुदे की रोजी यादव से दूसरी शादी कर ली। रोजी से उसे एक बेटा रेयांश है। राजेश को डर था कि सुधांशु प्रापर्टी में हिस्सा मांगेगा। इसके चलते दादा की तबियत खराब के बहाने बुलाकर बेहोशी की दवा खिलाई और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।