इटावा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई और सैफई ब्लॉक के गीजा गांव के दौरे का राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सैफई चूंकि प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का पैतृक गांव है इसलिए कार्यकाल के अंतिम वर्ष में मुख्यमंत्री के दौरे का राजनीति से जुड़ना स्वाभाविक है।
सैफई मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र मैनपुरी और शिवपाल सिंह यादव के विधानसभा क्षेत्र जसवंतनगर का हिस्सा है। सैफई इटावा ही नहीं आसपास के कई जिलों की राजनीति का केंद्र बिंदु है। इसलिए माना जा रहा है कि योगी पूर्व सीएम अखिलेश यादव को उनके घर में चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सपा के गृह जिले की दो विधानसभा सीटें इटावा व भरथना वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने छीन ली थीं।
2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में इटावा संसदीय सीट पर भी भाजपा ने कब्जा किया। सपा केवल जसवंतनगर सीट ही बचा पाई थी। आसपास जिलों की भी ज्यादातर सीटों पर भी भाजपा का परचम लहराया था। पिछले महीने हुए पंचायत चुनाव में भाजपा के विजय रथ का पहिया इटावा ही नहीं आसपास के जिलों में भी धंस गया। इटावा की 24 जिला पंचायत सदस्य सीटों में भाजपा केवल एक सीट ही जीत पाई जबकि सपा और प्रसपा ने 20 सीटों पर कब्जा कर लिया। पंचायत चुनाव के परिणाम भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी। इसी डैमेज को कंट्रोल करने के लिए योगी चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई पहुंचे।
दरअसल सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में इटावा के अलावा मैनपुरी, एटा, कन्नौज, औरैया, फिरोजाबाद आदि जिलों के मरीज आते हैं। कोविड की दूसरी लहर में भाजपाई शासन के पदस्थ कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय की खामियों ने फजीहत करा दी। इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराया जाने लगा। चूंकि सीएम सैफई विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं इसलिए आंच उन तक भी पहुंची।
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने विवि की अनियमितताओं की जांच के लिए पत्र लिखकर मुद्दे का हवा दे दी। इससे इटावा व आसपास के जिलों में गलत संदेश जाने लगा। यह संदेश कहीं आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए कोई रुकावट न पैदा करने, इसी को दुरुस्त करने योगी को सैफई आना पड़ा। आकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि प्रदेश सरकार आम जनता के दुख दर्द के प्रति संवेदनशील है। योगी ने अपने दौरे के बहाने आने वालेे चुनाव में सपा को फिर से उसके ही घर में घेरने का संदेश भी दिया है।