अफसरों के तेवर नरम पड़ते ही बस स्टैंड तिराहा पर डग्गामारी फिर से शुरू हो गई है। डग्गामार वाहनों के सड़क घेरकर खड़े होने से अब यहां एक बार फिर जाम की समस्या गहराने लगी है। चिलचिलाती धूप में जाम में फंसने से लोग बिलबिला उठते हैं।
करीब 15 दिन पहले नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू करके अफसरों ने बस स्टैंड तिराहे से डग्गामारी को खत्म कर दी थी। डग्गामार वाहनों के यहां से हटने से तिराहे पर लगने वाले जाम से पब्लिक को निजात मिली। पब्लिक ने प्रशासन के इस कदम की काफी सराहना की।
डग्गामार वाहनों के हटने का लाभ रोडवेज को मिला। रोडवेज की आय में करीब दो लाख रुपये प्रतिदिन का इजाफा हो गया। अफसरों के तेवर नरम पड़े और ट्रैफिक तथा इलाकाई पुलिस की लापरवाही से एक बार फिर बस स्टैंड तिराहा पर डग्गामार वाहनों की धमाचौकड़ी शुरू हो गई है। बस स्टैंड तिराहे पर डग्गामार वाहनों के खड़े होने से जाम की समस्या फिर से उत्पन्न हो रही है।
राहगीरों का कहना है कि जब तक प्रशासन सख्ती के साथ वाहन संचालकों पर कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके साथ ही ट्रैफिक और इलाकाई पुलिस की भी जिम्मेदारी निर्धारित होनी चाहिए।
अगर डग्गामार वाहन बस स्टैंड तिराहा पर पकड़ा जाए तो वाहन के साथ ही तैनात ट्रैफिक पुलिस तथा इलाकाई पुलिस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रैफिक और इलाकाई पुलिस की शह पर ही डग्गामार वाहन यहां पर खड़े होकर सवारियां भरते हैं।