शहर में हुई बारिश एवं ओलावृष्टि का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
फरवरी में मौसम का मिजाज बदला है। सोमवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसानों की धड़कने बढ़ गई हैं। सुबह काले बादल घिर आए। दोपहर को बिजली की गड़गड़ाहट के साथ शुरू हुई बूंदा बांदी तेज बारिश में बदल गई। दो दिन वर्षा के साथ ही ओले गिरने का खासा असर सरसों,चना,आलू इत्यादि पर पड़ रहा है। हालांकि गेहूं की फसल को फायदा बताया तो जा रहा है लेकिन ओला गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वर्षा और ओलावृष्टि से ठंड ने भी वापसी कर ली है।
रविवार पूरे दिन बदली छाए रहने के बाद रात के समय फिर से तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। सोमवार को दिन में फिर से ऐसा नजारा देखने को मिला। दोपहर में गरज चमक के साथ हुई तेज वर्षा के दौरान ओले गिरे। 24 घंटे से भी कम समय में जिस तरह से ओलावृष्टि हुई उससे सभी सहमकर रह गये हैं कि मौसम क्या करने वाला है। ऐसा माना जाता है कि जब तक महाशिवरात्रि का पर्व बीत नहीं जाता तब तक ठंड नहीं जाती। हालांकि इससे पहले मौसम ने लोगों को गर्मी का अहसास कराया। लोग फिर से गर्म कपड़ों में देखे जा रहे हैं। बारिश में शहर में कई स्थानों पर कीचड़ भी हो गया है।