अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। भ्रूण परीक्षण पर रोक लगाने के लिए अब शासन ने नई रणनीति पर काम शुरू किया है। जिले में चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराने वाली महिलाओं को अपनी आईडी(पहचान पत्र ) भी लाना होगा। बगैर आईडी के अल्ट्रासाउंड नहीं किया जाएगा। सोमवार को पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी दी गई।
कार्यशाला में जनपद में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों के मालिकों और आईएमए के सदस्यों को बताया गया कि गर्भवती महिलाएं जो अल्ट्रासाउंड कराने आती है उनकी आईडी लेना अनिवार्य है।
निरीक्षण के समय संचालक को आईडी उपलब्ध करानी होगी । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कोई भी सेंटर भ्रूण लिंग परीक्षण करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने समस्त ब्लाक के अधीक्षकों को भी निर्देशित किया गया कि अपने क्षेत्र में निरीक्षण कर अवगत कराएं कि कोई भी अवैध अल्ट्रासाउंड तो नहीं कर रहा है। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी इटावा ने पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के बारे में बताया।
प्रदेश स्तर पर संचालित वेबसाइट पर गर्भवती महिला की सूचना अपलोड करने की जानकारी दी। यदि कोई ऐसा नही करता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर सीएमएस एके पालीवाल, सीएमएस महिला डा. अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ डा. उमेश कुमार, डा. अनिल कुमार, सर्जन, समस्त चिकित्सा अधीक्षक मौजूद रहे।