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पानी की समस्या होगी दूर, चमचमाएंगी सड़कें व पुल

Sun, 12 Apr 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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सब कुछ ठीक रहा तो पानी की समस्या दूर होने के साथ सड़कें चमचमाएगी और प्रस्तावित पुल भी बनेंगे।  दरअसल वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए जिला योजना में 216 करोड़ 42 लाख रुपये का बजट पास हुआ।
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इस प्रस्तावित परिव्यय में केंद्रांश के तौर 114 करोड़ सात लाख रुपये शामिल हैं। शेष धनराशि यूपी सरकार मुहैया कराएगी। अब इस अनुमोदित जिला योजना को शासन स्तर पर विचार के बाद मंजूरी मिलेगी। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव और जिले के प्रभारी/ परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने विभागवार प्रस्तावित परिव्यय का आकलन किया।

विकास भवन के नवनिर्मित सभागार में रविवार को आयोजित इस बैठक में ग्राम पंचायतों में सीसी मार्ग, पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 911.50 लाख रुपये, निजी लघु सिंचाई विभाग ने कुल 315 नलकूपों की स्थापना के लिए कुल 485.70 लाख रुपये रुपये खर्च होना निर्धारित किया गया।
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राजकीय लघु सिंचाई विभाग ने नलकूपों के आधुनिकीकरण के लिए 99.25 लाख रुपये, 400 सोलर स्ट्रीट लाइट के लिए 91.96 लाख रुपये, सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 536.71 लाख रुपये खर्च होना प्रस्तावित किया गया।

योजना में तालाब सुधार आदि के लिए मत्स्य विभाग ने 4.24 लाख रुपये, दुग्ध विकास विभाग ने ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन आदि के लिए 167.96 लाख रुपये, वन विभाग ने पौधरोपण आदि के लिए 84.19 लाख रुपये, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 656.04 लाख रुपये रुपये खर्च होना निर्धारित किया गया।

भूमि विकास एवं जल संसाधन विकसित करने के लिए 651.08 लाख रुपये, मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 3163.32 लाख रुपये, जिला योजना में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए 1140.17 लाख रुपये का परिव्यय, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के तहत 10 हजार शौचालयों के 1200 लाख रुपये खर्च होना निर्धारित किया गया।

पर्यटन विकास के तहत पिलुआ महावीर मंदिर एवं ब्राह्मणी देवी परिसर के विकास के लिए 30-30 लाख रुपये, भोला सैयद लालपुरा को विकसित करने के लिए 20 लाख रुपये परिव्यय निर्धारित किया गया। प्राथमिक शिक्षा में 811 शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान के लिए 312 लाख रुपये, मिड डे मील के लिए 1916 लाख रुपये समेत कुल 2228 लाख रुपये खर्च होना दर्शाए गए।

इसी तरह माध्यमिक विद्यालयों के विस्तार आदि के लिए कुल 751.15 लाख रुपये, राजकीय पॉलीटेक्निक भवन निर्माण के लिए 49.13 लाख रुपये, स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 98.43 लाख रुपये, नए प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना के लिए 280 लाख रुपये का परिव्यय निर्धारित किया।

कृषि विभाग से नेशनल आयल सीड्स एवं आयल पाम योजना के लिए 16 लाख रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया। उद्यान विभाग से राज्य औद्यानिक मिशन एवं विकास योजना के लिए 11.83 लाख रुपये, लघु सीमांत किसानों को फ्री बोरिंग का लाभ देने के लिए 126.25 लाख रुपये, पशुपालन विभाग ने पशुओं के रोग निदान आदि सेवाओं में विस्तार के लिए 59.60 लाख रुपये खर्च होना दर्शाया।

बैठक में डीएम नितिन बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव, सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य, एमएलसी असीम यादव, पूर्व मंत्री केपी सिंह चौहान, राम नरेश यादव मिनी, भरथना विधायक सुखदेवी वर्मा, सीडीओ डा. अशोक चंद्र आदि जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख एवं अधिकारी मौजूद रहे। संचालन डीडीओ अनिल कुमार सिंह ने किया।

शिवपाल बोले, विकास के लिए वक्त पर पैसा दे रही सरकार
जिला योजना की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए समय पर पैसा मुहैया करा रही है।

उन्होंने कहा कि पिछली बार चुनाव और देरी से पास हुए बजट के चलते जिला योजना की बैठक विलंब से हो पाई थी लेकिन इस बार 15 अप्रैल तक अधिकांश जिलों में यह बैठकें आयोजित कर ली जा रही हैं।

श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार योजनाओं के लिए समय पर पैसा प्रदान कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह योजनाओं के क्रियान्वयन में समय और गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखें। जो भी योजना लागू हो, उसका भौतिक सत्यापन जरूर करें। इससे जनता के सुझाव मिलते हैं। फील्ड में किस काम की जरूरत है।

इसका अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि योजनागत धनराशि हर सूरत में आगामी 31 मार्च तक खर्च हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड के सदस्यों ने ट्यूबवेल-बोरिंग आदि अन्य काफी खामियां बताई हैं। अधिकारी मुख्यालय के साथ साथ फील्ड में भी जाएं।

गुणवत्ता के साथ खर्च करें रकम
प्रभारी मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा, समिति सदस्यों के सुझाव पर अधिकारी गंभीरतापूर्वक विचार करें। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्राप्त धनराशि को गुणवत्ता के साथ खर्च की जाए। श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क, पुल आदि सुविधाओं का तेजी से विकास कर रही है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए हर संभव कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। लिहाजा कार्यों को तत्परता से पूर्ण कर जनता को उनका लाभ प्रदान करें।

चिकित्साधिकारी ने जांची नाड़ी
बैठक में जब यूनानी-आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी योजनागत प्रस्तावित व्यय पढ़कर सुना रहे थे। तभी पीडब्ल्यूडी मंत्री ने उन्हें बीच में ही रोकते हुए पूछा कि मालूम है कि आयुर्वेदिक अस्पताल कहां-कहां हैं?

इसके बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री ने सवाल किया कि नाड़ी देख लेते हैं और फिर मंचासीन पूर्व राज्यमंत्री केपी सिंह चौहान की नाड़ी देखने को कहा। चिकित्साधिकारी नाड़ी देखने श्री चौहान के पास भी गए। बाद में बैठक से बाहर निकलने पर जब श्री चौहान से पूछा कि चिकित्साधिकारी ने नाड़ी पहचान से क्या बीमारी बताई, तो उनका जवाब रहा कि उन्हें कोई बीमारी ही नहीं है।

छात्रों की कम उपस्थिति पर नाराज
पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूलों को सभी सुविधाएं मुहैया करा रही है। इसके बावजूद भी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम क्याें होती है? यह ठीक नहीं है। बीएसए इसका कोई माकूल जवाब नहीं दे पाए।
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