बकेवर क्षेत्र के किसानों की एक बार फिर से धड़कनें तेज हो गई हैं। रविवार को आसमान में बादलों को घिरते देख किसानों को खेतों में खड़ी गेहूं, चना, बेझर की फसलों की चिंता सताने लगी है।
इन दिनों मढ़ाई का काम जोरों पर है। ऐसे में पानी बरसने पर फिर से नुकसान हो सकता है। लगता है कि इस बार मौसम किसानों को पूरी तरह बर्बाद करने पर तुला है। बेमौसम बरसात व ओलों ने इस बार रबी की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। सदमे में कई किसानों की मौत भी हो चुकी है। खरीफ फसल में भी किसान नुकसान झेल चुके हैं।
गत मार्च के महीने में आलू की खुदाई के दौरान तीन बार तेज हवाओं के साथ बेमौसम बारिश हुई। इसमें किसानों का काफी नुकसान हुआ था। अब तेज हवा के साथ पानी और ओलावृष्टि होने से गेहूं, चना व सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल तो लगभग बर्बाद हो चुकी है। रविवार को आसमान में बादलों के छाने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
उन्हें डर सता रहा है कि यदि इस बार पानी बरसा तो रही-सही फसल भी बर्बाद हो जाएगी। मौजूदा समय में गेहूं, चना, बेझर आदि की फसल पकी हुई खड़ी है। फसल की कटाई और मढ़ाई का काम पूरे चरम पर चल रहा है।
किसान मौसम के रुख को देखते हुए जल्द से जल्द फसल को काट लेना चाहते हैं, लेकिन अचानक फिर से आसमान में बादलों को देखकर उनकी सांसें अटकी हुई हैं।