इटावा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजत सिंह जैन ने छह साल पुराने हत्या के मामले में पत्नी को दोषी पाया है। कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे बीस माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रेम सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
कुम्हावर निवासी गजाधर ने थाना सैफई में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 20 नवंबर 2020 में उसके भाई राधेश्याम की हत्या राधेश्याम की पत्नी भारती देवी और उसके साथी प्रेम सिंह ने कर दी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया और फिर जेल भेज दिया था।
छानबीन के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए। जिला जज की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की ओर से साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने भारती देवी को दोषी पाया गया।उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने उस पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।