भरथना। चिकित्सक व समाजसेवी डॉ. ईश पांडेय की स्मृति व साहित्य प्रेमी रमेश चंद्र दीक्षित की पुण्यतिथि पर आर्य श्यामा बालिका इंटर कालेज में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान रचनाकारों ने कविताओं से कभी श्रोताओं को गुदगुदाया तो कभी व्यवस्था पर आइना दिखाया।
कवि सम्मेलन में कानपुर के कवि प्रदीप पंचम की, किसी के दर्द का आलम तुम्हें मालूम कितना है, जो सबके सामने हंसते हैं अकेले में वो रोते हैं कविता पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं।
कवि रौनक ने, तूने जो अपने जहर की तासीर बदल दी मैने भी सांप काटे का मंतर बदल दिया सुनाकर वाहवाही लूटी। ग्वालियर के कवि रवींद्र रवि ने ग्रामीण दिनचर्या पर कविताएं सुनाईं।
अशोक यादव, इटावा के डॉ. राजीव राज ने रचनाओं से श्रोताओं को खूब रिझाया। वहीं, हास्य व्यंग्य के लटूरी लट्ठ ने व्यवस्था पर करारी चोट की। अवनीश कुमार व विजय सिंह पाल की रचनाओं को खूब सराहा गया।
इससे पूर्व समारोह का उद्घाटन उत्कर्ष अकादमी कानपुर के निदेशक प्रदीप दीक्षित ने डा. ईश पांडेय व रमेश दत्त दीक्षित के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य श्रीकृष्ण यादव व मंच का संचालन कवि अनिल दीक्षित ने किया।
समारोह में पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरिओम यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज यादव बंटी, हरिकिशोर तिवारी, डॉ समीर पांडेय, करुणा शंकर दुबे, डॉ योगेंद्र दुबे समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
ये हुए सम्मानित
हिंदी प्रेरणा संस्थान भरथना के संयोजक अनिल दीक्षित द्वारा संपादित स्मारिका का विमोचन किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए डॉ. अमित दीक्षित को ईश पांडेय चिकित्सा सम्मान, कवि रवींद्र रवि को रमेश दत्त दीक्षित सम्मान, साधना शाक्य को अवध नारायण यादव सम्मान,वीरेंद्र सिंह चौहान को हरसहाय स्मृति सम्मान व सुखराम दास, हरेंद्र यादव ,नवम विश्नोई व अवनीश कुमार को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।