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थाना जाने को कहा तो दरोगा

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इटावा। थाने में 28 दिन से गैरहाजिर चल रहे दरोगा को प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) ने तैनाती वाले थाने जाने को कहा तो उसने पुलिस लाइन से से ही 60 किमी दूर बिठौली थाने के लिए दौड़ लगा दी। करीब 45 किमी दौड़ने के बाद वह बेहोश होकर गिर गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपर पुलिस अधीक्षक रामयश सिंह ने दरोगा की इस अजीब हरकत को अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई जाने की बात कही है।
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दरोगा विजय प्रताप (30) बिठौली थाने में तैनात हैं। 18 अक्तूबर को वह सरकारी काम से जाने की बात कहकर थाने से निकले थे। 19 अक्तूबर को नहीं लौटे तो गैरहाजिर माना गया। पांच से दिन से अधिक बिना सूचना गैरहाजिर रहने के कारण उन्हें पुलिस लाइन में आमद कराने को कहा गया। वह 15 नवंबर शुक्रवार को पुलिस लाइन में आरआई के समक्ष पेश हुए। आरआई ने दरोगा से बिठौली थाने जाने को कहा। आरआई पर ट्रांसफर करने का आरोप लगाते हुए दरोगा ने सुबह करीब नौ बजे पुलिस लाइन से ही दौड़ लगा दी। दौड़ते हुए वह दोपहर करीब तीन बजे बीहड़ गांव हनुमंतपुरा गांव पहुंचे और बेहोश होकर गिर पड़े। ग्रामीणों ने देखा तो 108 नंबर एंबुलेंस को फोन कर दिया। हालांकि इससे पहले ही हनुमंतपुरा पुलिस चौकी के स्टाफ उन्हें राजपुर सीएचसी पहुंचा दिया। यहां उपचार के बाद शाम करीब पांच बजे जिला अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल दरोगा की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दरोगा ने अनुशासनहीनता की है। उन पर एसएसपी स्तर से कार्रवाई होगी। ट्रांसफर का अधिकार एसएसपी को होता है। आरआई के पास यह अधिकार नहीं है। दरोगा ने बेवजह के आरोप लगाए हैं। बिठौली थाने में पोस्टिंग के दौरान दरोगा गैरहाजिर रहा। नियमानुसार पुलिस लाइन में आमद हुई, इसीलिए आरआई ने दरोगा को थाने जाने को कहा।
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- रामयश सिंह, एएसपी
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