जसवंतनगर। नवीन मंडी समिति में बनाए गए सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों में इस समय सन्नाटा पसरा हुआ है। खरीद का लक्ष्य काफी पीछे चल रहा है। नवीन मंडी की क्रय केंद्र प्रभारी नीरू ने बताया कि क्षेत्र में पांच सरकारी गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं लेकिन अब तक केवल 8500 बोरियों की ही खरीद हो सकी है जबकि शासन से निर्धारित लक्ष्य इससे कई गुना अधिक है। केंद्रों पर किसानों की आवाजाही बेहद कम है।
वहीं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के प्रभारी प्रियंक श्रीवास्तव ने बताया कि उनके केंद्र को 10 हजार बोरी गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला था लेकिन अभी तक मात्र 532 बोरियों की ही खरीद हो पाई है। उन्होंने बताया कि बाजार और सरकारी केंद्रों के गेहूं मूल्य में कोई खास अंतर नहीं होने के कारण किसान सरकारी केंद्रों की बजाय सीधे आढ़तियों के पास गेहूं बेच रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई किसान पहले से ही आढ़तियों से उधार ले चुके हैं जिसके चलते वे उन्हीं को गेहूं देने को मजबूर हैं।