चौबिया थाना क्षेत्र के बरालोकपुर व बनका गांव के बीच ऊसर में डेरा डाले लोगों को भी बदमाशों ने नहीं बख्शा। आधा दर्जन बदमाशों ने उन्हें घेरकर पीटा और नकदी, जेवर लूट ले गए। इसके बाद बदमाशों ने चमरौआ गांव के पास ट्यूबवेल पर सोए चार लोगों को अपना शिकार बनाया। मारपीट के बाद बदमाश खेत में लगा पंप ले गए।
राजस्थान के जिला अजमेर स्थित किल्ली थाना क्षेत्र के गांव सूखा निवासी बीका पुत्र टीकम सिंह परिवार के गोपाल पुत्र बागी लाल के साथ अपनी गाय व ऊंट लेकर आए है। उनके साथ महिलाएं भी है। दो दिन से ये लोग बनका व बरालोकपुर गांव के बीच स्थित ऊसर में जानवरों के साथ डेरा डाले है।
मंगलवार की शाम को जानवरों को बांधने के बाद यह लोग खाना खाकर सो गए थे। रात करीब दो बजे आधा दर्जन बदमाशों ने उनके डेरे पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने सबसे पहले बीका सिंह को दबोचकर उसकी जमकर पिटाई की। चीख सुनकर गोपाल उसकी पत्नी गीता, सुआ पत्नी सौगी लाल बचाने आए तो बदमाशों ने उन्हें भी जमकर पीटा।
इसके बाद बदमाशों ने उनके पास से एक लाख रुपये, करीब छह तोले सोने के जेवर, चार मोबाइल व अन्य सामान लूट ले गए। डेरा ऊसर में होने के कारण कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं पहुंच सका। यहां से लूटपाट करने के बाद बदमाशों ने गांव चमरौआ में धावा बोला।
यहां बदमाशों ने ट्यूबवेल पर सोए छक्के लाल व कृपाराम व नीरज को घेरकर उनकी पिटाई की और खेत में लगा पंप भी अपने साथ ले गए। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बदमाशों के भाग जाने के बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई भी पुलिस कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
इंतजार के बाद पीड़ित लोग शिकायत करने थाने पहुंचे। उसके बाद पुलिस मौके पर आई। इस बारे में एसओ चौबिया राम किशन दीक्षित ने बताया कि उनकी वीआईपी ड्यूटी लगी है। उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।