इटावा/जसवंतनगर/बकेवर। जिले में वायरल बुखार से मौतों का सिलसिला थमा नहीं है। मंगलवार को जसवंत नगर क्षेत्र के प्रमुख व्यवसायी के बेटे समेत चार और बकेवर इलाके में दो की बुखार से जान चली गई।
जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में तमाम लोग डेंगू व बुखार से लड़ रहे हैं। कई का सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। जिला अस्पताल और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओपीडी भी मंगलवार को मरीजों की भरमार रही। तय समय के बाद भी डॉक्टर मरीजों को देखते रहे।
जसवंतनगर प्रमुख शीतगृह व आरा मशीन व्यवसायी रामनरेश यादव उर्फ पप्पू के सबसे छोटे बेटे शिवम (13) को मंगलवार को तड़के तेज बुखार आया। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि सोमवार को शिवम को बुखार आया था। शाम को उसे बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाया गया। डॉक्टर की दवा से शिवम की तबीयत में सुधार नहीं हुआ, तो सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. आदेश कुमार से परिजनों की सलाह ली।
डॉ. आदेश ने लक्षण के आधार शिवम को दवाएं बताई। साथ ही डेंगू व अन्य जांचें कराने को कहा। परिजनों के मुताबिक, शाम को ही शिवम की जांचें कराई गईं। शाम को दवा खाने के बाद बुखार कम होने पर वह सो गया था।
मंगलवार को तड़के उसकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में मौत हो गई। शिवम क्षेत्र के सेंट पीटर्स कालेज में नौवीं कक्षा में पढ़ता था। सराय भूपत कटे खेड़ा गांव निवासी शिवकुमार उर्फ छोटे की बेटी सुनैना (7) को दो दिन से बुखार आ रहा था।
परिजन निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे थे, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। बुखार के दौरान ही शरीर में बुरी तरह ऐंठन हुई और फिर सुनैना की मौत हो गई। रतनगढ़ गांव निवासी भूमि विकास बैंक कमी स्वेता सिंह (25) की बुखार से जान चली गई।
वह भी तीन दिन से तेज बुखार से जूझ रही थी। श्वेता के परिजन तीन दिन से इटावा के निजी चिकित्सक उसका इलाज कर रहे थे। मंगलवार की सुबह 9 बजे मौत हो गई। आराजी सराय भूपत नगला बाबा गांव के भूपेंद्र यादव के बेटे कौशल यादव (22) की बुखार से मौत हो गई।
कौशल को दो दिन से बुखार आ रहा था। सोमवार को तेज बुखार आने से परिजन शहर के एक निजी हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे। वहां पर डॉक्टरों ने कौशल को मृत घोषित कर दिया।
उधर, बकेवर कस्बे के पटेल नगर निवासी सुमित नारायन की बेटी नव्या (12) की भी मंगलवार की सुबह तेज बुखार से मौत हो गई। सुमित ने बताया कि सोमवार की शाम नव्या को तेज बुखार आ गया।
पास से एक निजी डॉक्टर को उसे दिखाया और दवा भी दी। रात में अचानक तबीयत और बिगड़ गई। परिजन एक निजी क्लीनिक में ले गए। वहां डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। मंगलवार की सुबह नव्या को परिजन उपचार के लिए कानपुर ले जा रहे थे।
उसी दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया। नव्या कस्बा स्थित बाबूराम सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज में पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। बिजौली गांव के ठेकेदार मुकेश राजपूत (40) की बुखार से सोमवार देर रात मौत हो गई, जबकि उनका बेटा अनिकेत भी बुखार से पीड़ित है। उसका लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
जसवंतनर क्षेत्र में बढ़ रहीं मौते
बुखार से होने वाली मौतों का आंकड़ा जसवंतनगर क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा है। एकाएक बुखार और उसके बाद हालत बिगड़ने पर लोग डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचते हैं।
जिले में तमाम पैथोलोजी बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रही हैं। रिपोर्ट भी विश्वसनीय नहीं रहती हैं। स्थानीय सीएचसी प्रभारी डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि क्षेत्र में हुई हर मौत को डेंगू नहीं कहा जा सकता है।
उनके यहां जो सैंपल सैफई मेडिकल कालेज से डेंगू जांच में प्रमाणित होता है, उन्हें डेंगू के तहत इलाज के लिए सैफई रेफर किया जाता है।
एक-एक गांव में कई-कई लोग बीमार
बकेवर। नगर के अलावा के ग्रामीण क्षेत्रों के एक-एक गांव में कई-कई लोग वायरल बुखार, मलेरिया व डेंगू से पीड़ित हैं। कई सरकारी अस्पतालों तो कुछ निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
इतना ही नहीं कई लोग आगरा, कानपुर और लखनऊ के निजी अस्पतालों में भी भर्ती हैं। तमाम ऐसे लोग भी है, जिन्हें ठीक होने के बाद दोबारा बुखार आ गया। लखना कस्बा ईकरी रोड़ हनुमान नगर निवासी बादशाह को तीन दिन से बुखार आ रहा है।
मंगलवार को बकेवर स्थित 50 शैय्या अस्पताल में उपचार को पहुंचे बादशाह ने बताया उन्हें 10 दिन पहले बुखार आया था। करीब एक सप्ताह तक बुखार रहा। इलाज कराया, तो बुखार ठीक हो गया। 3 दिन पहले उन्हें फिर से बुखार आ गया।
बकेवर में आलोक चतुर्वेदी का बेटा अंश चार-पांच दिन से बुखार से पीड़ित है। शास्त्री नगर के नीतेश कुमार शाक्य पांच दिन से बुखार से जूझ रहे हैं। इसी मुहल्ले के आनंद किशोर, आयुष मिश्रा, दिनेश कुमार कई दिनों से बुखार से ग्रसित हैं।
महेवा सीएचसी के प्रभारी डॉ. गौरव त्रिपाठी ने बताया कि ब्लॉक में डेंगू के संदिग्ध लक्षणों वाले कई मरीजों का एलाइजा टेस्ट कराया गया, लेकिन किसी को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई।
12 पुलिस कर्मी भी बीमार
बकेवर। थाने के करीब 12 पुलिसकर्मी भी बुखार की चपेट में हैं। इनमें कुछ अवकाश लेकर घर चले गए। कुछ छुट्टी बंद होने से ड्यूटी पर मौजूद रहकर उपचार करा रहे है।
मलेरिया, वायरल, डेंगू के प्रकोप से पुलिस विभाग भी अछूता नहीं है। महेवा चौकी में तैनात पांच सिपाहियों में तीन सिपाही मलेरिया, वायरल व डेंगू से ग्रसित हैं। तीनों ही सिपाही चौकी पर मौजूद रहकर उपचार करा रहे हैं।
अहेरीपुर चौकी के दो सिपाही, मलेरिया व वायरल बुखार की चपेट में हैं। लखना चौकी के दो सिपाही बुखार से पीड़ित हैं। बकेवर थाना के भी पांच सिपाही बुखार से पीड़ित हैं।
ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे 610 मरीज
बारावफात पर मंगलवार को अवकाश होने की वजह से दोपहर 12 बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी खुली रही। इस दौरान 610 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
इनमें 312 मरीज वायरल बुखार और डेंगू लक्षण वाले रहे। इनमें 48 लोगों का सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा गया। कई को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया।
सैफई में डेंगू के 14 के नए मरीज भर्ती
सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी में मंगलवार को डेंगू के 14 नए मरीजों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। यहां ओपीडी में बुखार से 39 मरीज आए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को डेंगू के तीन मरीजों की अस्पताल से छुट्टी गई।
वर्तमान में यहां डेंगू के 63 मरीज भर्ती हैं। मंगलवार को इटावा के रहने वाले तीन डेंगू के मरीजों को भर्ती किया गया है। अस्पताल में भर्ती कुल मरीजों में डेंगू के 37 मरीज भर्ती हैं। बाकी मरीज औरैया, एटा व मैनपुरी समेत आसपास के जिलों के हैं।