दोपहर में मुकट मणि के पैतृक गांव जवाहरपुरा में कई लोग अपने घर के बाहर बैठे थे। मुकट मणि के घर के बाहर बरामदे में बुजुर्ग पिता रामप्रकाश बैठे थे। बातचीत में उन्होंने कहा कि बेटे के साथ गलत हुआ है। पहले मारपीट, बेइज्जती और अब उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ठाकुरों, ब्राह्मणों को सब देती है।
उन्होंने कहा कि हम सरकार के अपने नहीं हैं। बेटे के साथ अन्याय हुआ है। महिला की ओर से लगए गए छेड़छाड़ के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। पड़ोसी हुकुम सिंह यादव के मुताबिक उन्हें शासन से न्याय मिलने की उम्मीद है। बताया कि मुकट कथा के अलावा ज्योत की भी पूजा कराते हैं। सरायऐसर समेत कई गांवों में उन्होंने कथाएं की हैं।
15 साल से अछल्दा में रह रहे थे मुकट
पिता रामप्रकाश ने बताया कि उनके आठ बेटों में मुकट सबसे बड़ा है। वह छोटा था तभी कुसमरा में रहने वाली अपनी बुआ के यहां चला गया था। इसके बाद उसे अवधेश शास्त्री का साथ मिला तो भजन कीर्तन करने लगा। बाद में कथा भागवत भी करने लगा। लगभग 15 साल से वह अछल्दा में किराए पर रह रहा है। गांव में त्योहार, शादी समारोह या किसी के यहां गमी होने पर वह जाया करता है। भाई रंजीत ने बताया कि होली से 15 दिन पहले पांचवें नंबर के भाई हजारी लाल का कैंसर से निधन हो गया था। तब मुकट आए थे। इसके बाद से वह घर नहीं आए हैं।
विरोध जताते प्रदर्शनकारी
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बहन बोली-भाई के साथ गलत हुआ, पर बवाल भी नहीं करना चाहिए
दिल्ली से आईं मुकट मणि की चचेरी बहन संतोष यादव ने कहा कि भाई के साथ गलत हुआ है। उसे फंसाया गया है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही गुरुवार को ब्राह्मणों के गांव दांदरपुर के बाहर हुए बवाल को भी गलत बताया। कहा कि जिसने भी किया गलत किया है। इन लोगों से हमारा कोई लेनादेना नहीं है।