इटावा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत शासन ने कक्षा नौ से 12 तक के लंबित छात्रवृत्ति डेटा को निस्तारित करने के लिए शिक्षण संस्थानों को अंतिम अवसर दिया है।
राज्य एनआईसी लखनऊ की ओर से पोर्टल पर डेटा निरस्त या निस्तारित करने का विकल्प खोल दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि डेटा लंबित रहने के कारण छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रहते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षण संस्थान की होगी। वर्तमान में शिक्षण संस्थानों की लॉगिन आईडी पर बड़ी संख्या में आवेदन प्रदर्शित हो रहे हैं।
पूर्व दशम (कक्षा 9-10) में सामान्य वर्ग के 31 और अनुसूचित जाति के 146 छात्रों का डेटा लंबित है। वहीं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) में सामान्य वर्ग के 41 और अनुसूचित जाति के 207 छात्रों का आवेदन संस्थानों के स्तर पर अटका हुआ है। डीआईओएस अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षण संस्थान अपनी लॉगिन पर प्रदर्शित होने वाले निरस्त करने योग्य या लंबित डेटा को नियमानुसार तत्काल निस्तारित करें।
राज्य एनआईसी ने 30 जनवरी 2026 से संस्थानों को डेटा क्लीन करने का विकल्प उपलब्ध करा दिया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी संस्थान की लापरवाही से छात्र का आवेदन अधूरा रह जाता है, तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध प्रतिकूल कार्रवाई की जा सकती है।