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रुपये को डॉलर में बदलने का झांसा देने वाले दो और गिरफ्तार

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सदर कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में साइबर अपराधी - फोटो : ETAWHA
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इटावा। सदर कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर रात रुपये को डॉलर में बदलने का झांसा देकर ठगने वाले गैंग के दो और शातिरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस को 50 हजार रुपये, दो लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन व 17 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। शातिरों ने कानपुर, आगरा, फतेहपुर समेत कई जिलों में अपना जाल फैला रखा है। पुलिस गैंग में शामिल अन्य शातिरों की तलाश कर रही है।
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एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र सिंह ने गुरुवार को बताया कि फर्जी एप व वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने वाले गैंग के दो और शातिरों फिरोजाबाद के शिवपुरी निवासी राहुल सिंह और गौतमबुद्ध नगर के संचुरी अपार्टमेंट निवासी अखिलेश उर्फ निखिल को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें बीएसए कार्यालय के पास से पकड़ा गया है। आरोपियों ने एटा जिले के द्वारकापुरी निवासी यशोदा नंदन व दीवान इंटरनेशनल के मालिक मोहम्मद सामीन को आठ लाख रुपये डॉलर में बदलने का झांसा देकर ठगी करने की बात कबूल की है।
दोनों आरोपी कई विदेशी डार्क वेब हैकर्स के संपर्क में रहकर ग्लोब-पे के मिलते-जुलते नामों से साइट बनाकर ठगी करते थे। इनके पास से पुलिस को नगदी, लैपटॉप और मोबाइल फोनों के अलावा दो सीपीयू, डेस्कटॉप, टैबलेट, 26 चेक बुकें, पांच आधार कार्ड, तीन पैनकार्ड, वोटर कार्ड, एक पासबुक व अलग-अलग बैंकों के 17 एटीएम कार्ड बरामद हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब तक इस मामले में सात लोग गिरफ्तार कर चुके हैं।
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कोरोना काल में लोगों को बनाया शिकार
साइबर ठगी के आरोपी राहुल ने बताया कि वह सोलर पैनल लगाने का काम करता है। कोरोना काल में काम ठप हो गया था। इसी दौरान सोशल साइट्स पर घर बैठे रुपये कमाने का लिंक आया था। लिंक खोलकर उसने अपनी ईडी बनाई और काम करने लगा था। वह लोगों को रुपयों को डॉलर में बदलने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। फिर उन लोगों को लिंक शेयर करता था।
बताया कि चार्ली के नाम के व्यक्ति से उसकी सोशल साइट्स पर रुपये के लेनदेन व डॉलर में बदलने की बात होती थी। चार्ली कभी फोन नहीं उठाता था। मैसेज के माध्यम से उससे बातचीत करता था। चार्ली अपना पता कभी कलकत्ता तो कभी मुंबई बताता था। कोरोना काल में गिरोह के सदस्य कई लोगों को अपने जाल में फंसा चुके हैं। गिरोह में कई सदस्य शामिल है। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
दो फीसदी मिलता था कमीशन
राहुल और अखिलेश ने बताया कि रुपयों को डॉलर में बदलने का झांसा देकर वह लोगों को जाल में फंसता था। कई बार लोग उसके झांसे में आकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर बैठते थे। जब रुपये डॉलर में नहीं बदलते थे, तब लोगों को खुद के ठगे जाने का पता चलता था। उधर, चार्ली नाम का शातिर इस काम के लिए उन लोगों को दो फीसदी कमीशन देता था। अब तक वह लोग लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये कमा चुके हैं।
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