इटावा/जसवंतनगर। ब्लॉक क्षेत्र में फिर बुखार से दो लोगों की मौत हो गई। दोनों के परिजनों ने मौत की वजह डेंगू होना बताया, जबकि कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग वायरल बुखार और डेंगू से पीड़ित हैं।
कई का सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। तमाम लोग घरों में रहकर निजी डॉक्टरों से अपना इलाज करा रहे हैं। जसवंतनगर क्षेत्र के डुढ़हा गांव निवासी अखिलेश मिश्रा के बेटे बेटे शौर्य को (15) दो दिन से बुखार आ रहा था।
उसका इलाज इटावा शहर के निजी चिकित्सकों से चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो रहा था। शुक्रवार को अचानक शौर्य की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे कानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में मौत हो गई।
मां अपने बेटे शौर्य का चेहरा भी नहीं देख सकी, क्योंकि वह भी बुखार से पीड़ित है और तीन दिन से आगरा के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती है। परिजनों मुताबिक, मां-बेटा दोनों डेंगू से पीड़ित हैं।
बलरई गांव के राजेश बाल्मीकि की बेटी अंजली (24) की भी बुखार से मौत हो गई। अंजली को करीब एक सप्ताह से तेज बुखार आ रहा था। उसका जसवंतनगर और इटावा शहर के निजी डॉक्टरों से इलाज कराया गया।
परिजनों के मुताबिक, जांच में अंजली को डेंगू की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार को अंजली की हालत बिगड़ गई। इटावा व शिकोहाबाद में उसका इलाज कराया गया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। उसे इलाज के लिए आगरा ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में मौत हो गई।
इन दोनों गांवों में कई लोग बुखार व डेंगू से पीड़ित है, जिनका इटावा और आसपास के जिलों के सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। इसके पहले दो अक्तूबर को इसी क्षेत्र के गढ़ी जालिम गांव में राहुल (28) और कोकावली गांव में शिवानी (19) की बुखार से मौत हो गई थी।
इसके पहले ही इसी क्षेत्र में दो लोगों की मौत बुखार से हुई थी। परिजनों ने डेंगू से मौत होने का दावा किया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की आंकड़ों में अभी तक एक भी मौत डेंगू से होना नहीं दर्शाई गई है।
जिला अस्पताल आए बुखार के 458 मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में 1114 मरीज उपचार कराने को पहुंचे। इनमें 458 मरीज बुखार और डेंगू लक्षण वाले थे। 302 मरीजों की कार्ड से जांच की गई। 34 मरीजों एलाइजा टेस्ट कराने के लिए सैंपल मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया है। अस्पताल के डेंगू वार्ड में कई मरीजों का उपचार चल रहा है।
मरने के बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
ऊसराहर। डेंगू से मरीजों की मौत के बाद ऊसराहार पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों का हाल जाना। डेंगू लक्षण वाले मरीजों के सैंपल भी एकत्र किए। इन्हें जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया है।
भरथना मार्ग पर कई घरों मे 12 से ज्यादा लोग बीमार हैं। दो लोगों की पांच दिन पहले मौत हो चुकी है। अभी भी कई लोगों का इलाज आगरा व इटावा के निजी अस्पतालों में चल रहा है।
शुक्रवार को सीएचसी प्रभारी डॉ. उदय प्रताप सिंह ने ऊसराहर में एक टीम को डेंगू और मलेरिया की जांच के लिए भेजा। लैब टैक्नीशियन विकास यादव व धर्मवीर ने 38 लोगों के खून का जांच की।
नालियों में भरा पानी, बढ़ रहे मच्छर
ऊसराहार। क्षेत्र की नालियों में पानी भरा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। पानी का निकास न होने से मकानों के दरवाजों के बाहर गंदा व बदबूदार पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने डीएम से नालियों में जलभराव की शिकायत की है।
ब्लाक प्रमुख ताखा प्रीति यादव ने बताया कि ऊसराहार-भरथना मार्ग पर नाली के निर्माण के लिए स्टीमेट बना गया है। जल्द काम शुरू हो जाएगा।
सैफई में बुखार के 157 मरीज आए
सैफई। आयुर्विज्ञान विवि की ओपीडी में शुक्रवार को बुखार के 157 मरीज पहुंचे, जबकि डेंगू के 22 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। डेंगू के 23 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इस समय डेंगू के 43 मरीज डेंगू वार्ड में भर्ती हैं।
इनमें 26 मरीज इटावा के हैं, जिनमें शुक्रवार को नौ नए मरीजों को भर्ती किए गए हैं। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि मलेरिया का कोई मरीज अस्पताल में नहीं है।