फोटो 2: इटावा डिपो की कार्यशाला में खड़ी एसी बसें। संवाद
- यात्री बोले-समय सारणी में सुधार न होने से भुगतना पड़ा खामियाजा
-जिम्मेदार बोले-राजस्व के नुकसान के चलते बंद करना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। लंबे इंतजार के बाद इटावा डिपो के बेड़े में शामिल हुईं दो वातानुकूलित (एसी) बसों को कम सवारी मिलने का हवाला देकर मैनपुरी डिपो भेज दिया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) कार्यालय के इस फैसले से स्थानीय यात्रियों को झटका लगा है जो लंबे समय से दिल्ली के लिए सीधी और आरामदायक बस सेवा की मांग कर रहे थे। अब उन्हें फिर से गर्मी में लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
साल 10 नवंबर 2025 को इटावा डिपो को दो नई एसी बसें आवंटित की गई थीं। डिपो प्रशासन ने इन बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा से दिल्ली रूट पर संचालित करना शुरू किया था। शुरुआत में उम्मीद थी कि दिल्ली जाने वाले यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन, पिछले कुछ महीनों के संचालन के दौरान इन बसों में क्षमता के अनुसार यात्री नहीं मिल रहे थे।
कम सवारियों के कारण रोडवेज को लगातार राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा था। यात्रियों की कमी और घाटे की स्थिति को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अब दोनों एसी बसों को इटावा से हटाकर मैनपुरी डिपो से संबद्ध कर दिया गया है। डिपो के अधिकारियों का कहना है कि रूट पर यात्रियों की संख्या बेहद कम होने के कारण बसों का संचालन आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह गया था। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि समय सारणी में सुधार न होने से यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
वर्जन
पिछले साल नवंबर में इटावा डिपो को दो एसी बसें मिली थीं। इन बसों को यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए उन्हें दिल्ली रूट पर चलाया गया था। पिछले तीन माह से इन बसों में लोडर फैक्टर बहुत कम रह गया था। इससे इसका संचालन करने में दिक्कत हो रही थी। उच्चाधिकारियों के आदेश पर इन एसी बसों को मैनपुरी डिपो से संबद्ध कर दिया गया है।-अमित कुमार, एआरएम इटावा डिपो।