अगर आप बैंक में जनधन योजना का खाता खुलवाने का इंतजार कर रहे हैं तो जल्दी
करें, इस योजना में खुलने वाले खाता में बीमा का लाभ 26 जनवरी तक ही
मिलेगा। खाते सभी बैंकों के द्वारा जीरो बैलेंस पर खोले जा रहे हैं। अब तक
जिले में करीब 1.65 लाख बैंक खाते खोले जा चुके हैं।
सर्वाधिक 48,477 खाते
खोलकर पूर्वांचल बैंक प्रथम स्थान पर है। जबकि सबसे कम 660 खाते बैंक ऑफ
बड़ौदा ने खोले हैं। सरकार सभी लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना
चाहती है। भविष्य में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाआें का लाभ
लाभार्थियों के सीधे खाते में पहुंचेगा।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत
प्रत्येक परिवार का एक खाता खुलवाने का लक्ष्य रखा गया था। राजस्व रिकार्ड
के अनुसार जिले में कुल 2,77,527 परिवार है। इनमें से 1,11,751 परिवारों के
खाते बैंकों में पहले से ही खुले हुए थे। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत
करीब पांच माह के भीतर 1,65,776 नए खाते खोल दिए गए है।
शासन से आए
निर्देशानुसार एक घर में जितने सदस्य है उतने ही खाते खोले जाएंगे।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खाता खोलने की अंतिम तिथि में चार दिन का
समय शेष है। 24 को रविवार का अवकाश होने के कारण तीन दिन ही बचे हैं। लीड
प्रबंधक की ओर से सभी से खाते खोलने की अपील की गई है।
प्रधानमंत्री जन
धन योजना के तहत पूर्वांचल बैंक सबसे अधिक 48,477 लोगाें के खाते खोलकर
प्रथम स्थान पर है। पूर्वांचल बैंक को खाता खोलने के लिए रूरल के 109 तथा
अर्बन के 02 मिलाकर कुल 111 वार्ड दिए गए थे। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
40,845 खाते खोलकर दूसरे स्थान पर है।
एसबीआई को रूरल के 43 तथा अर्बन के
15 मिलाकर 58 वार्ड दिए गए थे। सबसे कम 660 खाते बैंक ऑफ बड़ौदा खोल पाया
है। इसका कारण यह भी है कि बैंक ऑफ बड़ौदा को अर्बन का केवल एक वार्ड दिया
गया था।
डीएम को देना होगा प्रमाणपत्र
संस्थागत वित्त
मंत्रालय उत्तर प्रदेश शासन की ओर से डीएम के लिए एक आदेश जारी कि या गया
है। आदेश के अनुसार डीएम क ो प्रधानमंत्री जनधन योजना की अंतिम तिथि तक इस
आशय का प्रमाणपत्र निदेशक वित्त एवं सर्वहित बीमा निदेशालय, राज्य स्तरीय
बैंकर्स समिति को देना होगा कि उनके जिले में शत-प्रतिशत परिवारों के खाते
खोले जा चुके है। आदेश में ये भी कहा गया है कि ऐसा प्रयास किया जाए कि
प्रत्येक परिवार का एक खाता अवश्य खुल जाए। जिले में लक्ष्य पूर्ण होने की
जानकारी अंतिम तिथि के बाद संस्थागत वित्त मंत्रालय उत्तर प्रदेश शासन को
भेजी जाएगी।