लायन सफारी में जेसिका के शिंबा और सुल्तान
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इटावा। लायन सफारी को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) की मान्यता के लिए सात शावकों का इंतजाम करना होगा। इसके लिए सफारी प्रशासन गुजरात से तीन शेरनी एवं एक शेर ले आने की तैयारी में है। गुजरात सरकार से बातचीत के लिए उप निदेशक अखिलेश जायसवाल अहमदाबाद जा रहे हैं। सब ठीक रहा तो मार्च-अप्रैल तक तीन शेरनी एवं एक शेर इटावा आ जाएंगे। अभी यहां सिर्फ दो शेरनी बची है, जिसमें जेसिका तीन बच्चे दे चुकी है। मान्यता के लिए 10 शावक होने चाहिए। ऐसे में सफारी प्रशासन कुनबा बढ़ाने के लिए मंथन में जुटा है। लायन सफारी को सीजेडए की मान्यता का इंतजार है। कुछ दिन पहले इसे इटावा सफारी पार्क के नाम से उद्घाटन करने की तैयारी थी। लेकिन, अब यह तैयारी धीमी पड़ गई है। सफारी प्रशासन सीजेडए का मानक पूरा करने रणनीति में लगा हुआ है। अभी सफारी में तीन शेर, दो शेरनी और तीन शावक हैं। ये तीनों शावक शेर हैं। सबकुछ ठीक रहा तो शेरों की संख्या छह रहेगी, लेकिन शेरनी सिर्फ दो हैं। सफारी प्रशासन की रणनीति है कि यहां शेरनी की संख्या बढ़ाई जाए। इससे लिंगानुपात भी संतुलित रहेगा और शेरों का कुनबा भी बढ़ेगा। ।
जेसिका ने बढ़ाई उम्मीदें
सफारी में करीब डेढ़ साल पहले शेरनी जेसिका ने दो शावकों को जन्म दिया। दोनों शावक शेर हैं। इनका नाम शिंबा और सुल्तान है। दोबारा ब्रीडिंग के बाद जेसिका ने 15 जनवरी को एक और शावक को जन्म दिया है। अभी इसका नामकरण नहीं किया गया है। यह शावक भी शेर है। अब सफारी में यह तीनों शावक उछलकूद मचा रहे हैं।
अब एक शेरनी पर टिकी हैं उम्मीदें
सफारी में जेसिका के अलावा दूसरी शेरनी हीर है। सफारी प्रशासन हीर की ब्रीडिंग करा रहा है। हालांकि वह कई बार गर्भ गिरा चुकी है। सफारी प्रशासन का मानना है कि जेसिका की तरह ही हीर ने भी साथ दिया होता तो सीजेडए की मान्यता मिल गई होती।
मार्च-अप्रैल तक आ जाएगी शेरनी व शेर
इटावा सफारी पार्क के निदेशक पीपी सिंह ने बताया कि सीजेडए के निर्देश पर गुजरात से तीन शेरनी एवं एक शेर को इटावा लाया जाएगा। एक दौर की वार्ता हो चुकी है। उप निदेशक अखिलेश जायसवाल अहमदाबाद जा रहे हैं। वहां अंतिम दौर की वार्ता होगी। इसके बाद शेर एवं शेरनी लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सफारी में मौजूद शेरनी हीर की ब्रीडिंग के प्रयास चल रहे हैं।