फोटो 41:: बारिश के बाद गिरी धान की फसल और भरा पानी। संवाद
सैफई। दो दिन से लगातार हो रही बारिश व तेज हवा से क्षेत्र में धान की तैयार फसल को भारी नुकसान हुआ है। हजारों बीघा में खड़ी धान की फसल खेतों में बिछ गई है। कई खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कटाई के लिए तैयार फसल के गिरने से किसानों को लागत डूबने का डर सताने लगा है।
ब्लॉक सैफई के ग्राम पंचायत गीजा, हैवरा, बहादुरपुर, नरोहली, लछबाई, नगला अनिया, पिडारी, बघुईया, नगला बरी और नगला मठिया समेत कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हुई है। बारिश का पानी खेतों में भरने से पक चुकी फसल जमीन पर गिर गई है। किसानों के अनुसार फसल पककर तैयार थी और जल्द ही कटाई शुरू होने वाली थी। अब खेतों में पानी भरा होने से धान की बालियों में दाने खराब होने और कटाई में परेशानी की आशंका है। बहादुरपुर निवासी किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि धान की फसल में बीज, खाद, जुताई और सिंचाई पर काफी खर्च हुआ था।
कटाई के समय बारिश होने से फसल को नुकसान पहुंचा है। गीजा निवासी किसान लालाजी दुबे और शिव प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि खेत में खड़ी पूरी फसल गिर गई है। पानी की निकासी नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। नगला मठिया निवासी किसान मकरंद सिंह ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में तैयार फसल खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में राजस्व और कृषि विभाग की टीम भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है, ताकि बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके।