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शिक्षकों की सरप्लस सूची में हेराफेरी करने वालों पर गिरेगी गाज

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इटावा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जुलाई महीने मे 128 शिक्षकों के समयोजन निरस्त होने का आदेश जारी हो गया। उच्च न्यायालय प्रयागराज के आदेश पर हुई पूरी कार्रवाई के बाद बीएसए अजय कुमार सिंह ने समायोजन रद्द होने का आदेश जारी कर दिया। इसका लाभ केवल उन्हीं शिक्षकों को मिलेगा जो उच्च न्यायालय में याची बने थे। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में विभाग की किरकिरी कराने वाले और नियमों के विपरीत सरप्लस सूची बनाने वाले कर्मचारियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आने वाले दिनों में सरप्लस सूची में गड़बड़ी कर विभाग की किरकिरी कराने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
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बेसिक विभाग में 29 जुलाई 2019 को 79 पूर्व माध्यमिक एवं 49 प्राथमिक विद्यालयोें में शिक्षकों का समायोजन किया गया था। सर्वाधिक शिकायतें जूनियर विद्यालयों में शिक्षकोें के समायोजन को लेकर थी। जूनियर शिक्षकों की जो सरप्लस सूची बनाई गई उसमें तमाम खामियां रहीं। जूनियर शिक्षकों को पदस्थापित करने के लिए सीनियर शिक्षकों को सरप्लस न होते हुए भी सरप्लस घोषित कर दिया गया। इन सब विसंगतियों को लेकर शिक्षकों ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में याचिका दायर की। मामले मेें एक के बाद एक कुल आठ याचिकाएं दायर हुई। इसमें याची शिक्षकों की संख्या 90 रही। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह नेे समायोजन रद्द करने संबंधी आदेश शनिवार को जारी कर दिया है। इस आदेश के बाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षक अपने मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे। हालांकि इस मामले में अभी उन कर्मचारियेां के विरुद्ध कार्रवाई होना शेष है जिन्होेंने सरप्लस सूची को मनमाने ढंग से तैयार किया। उच्च न्यायालय से लेकर जिला स्तरीय समिति तक विभाग की किरकिरी कराने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरने वाली है।
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