इटावा। साइबर ठग भाइयों ने पूछताछ में बताया कि सतीश पानीपत में एक पानी के प्लांट में नौकरी करता था। वह करीब तीन साल तक वहां रहा था। आरोपी ने बताया कि वह ऑनलाइन वेटिंग गेम एप चलाते थे। उसके जरिए अन्य ठगों से आने वाली बड़ी रकम को गेमिंग ऐप से आना दिखाकर रुपये को कनवर्ट कर देते थे। इसके बाद वह क्रिप्टो करेंसी और गोल्ड में निवेश करके उस रुपये कर देते थे। कई बार बड़ी रकम कई अन्य लोगों के खातों से गिरवाकर कई चरणों के बाद अपने खाते में गिरवाकर उसे चेक और एटीएम के माध्यम से निकलवा लेते थे। अभी वह 82 लॉटरी एप के जरिए रुपये कनवर्ट कर रहे थे। दो खातों से 5,01,346, 4,47,117 रुपये व क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज में 43,89,000 रुपये, बाई बिट में 1,49,000 रुपये, जेएआर ऐप में 1,43,830 रुपये पुलिस को मिले हैं। अन्य खातों में करीब 4,27,749 रुपये भी मिले हैं।
पुलिस की जांच में पता चला है कि चारों भाइयों के कुल लगभग 40 खाते ब्लॉक कराए गए हैं जिनमें ठगी की धनराशि गिरी थी। इनमें से अकेले सतीश के खिलाफ ही एनसीआरपी पोर्टल पर 20 शिकायतें विभिन्न यूपी, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक में दर्ज हैं। इनमें से दो एफआईआर यूपी में दर्ज हैं। एक नोएडा में 59,50,000 रुपये की ठगी और बरेली साइबर थाने में 91,60,000 रुपये की ठगी की प्राथमिकी दर्ज है।