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नहीं है पानी, सार्वजनिक स्थानों पर, जिम्मेदारों की आंखों में 15-52-35

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बस स्टैंड पर टूटी पड़ी टोटियां - फोटो : ETAWAH
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जसवंतनगर। कस्बे के सार्वजनिक स्थानों पर पानी की स्थिति बेहद खराब है। इन स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था तो है ही नहीं, जिम्मेदारों की आंखों का पानी भी बढ़ती गर्मी के साथ सूख गया है। सरकारी अस्पताल, बस अड्डा, चौराहा, मंडी सभी स्थानों पर पानी के लिए कोई स्रोत हैं ही नहीं। यदि हैं भी तो खराब हैं अथवा निष्क्रिय पड़े हैं। सभी स्थानों पर ऐसे हालात बनाए गए हैं कि लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़े। अधिकारियों ने भी इस ओर से आंखें मूंद लीं हैं।
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जसवंतनगर चौराहा : यहां पर हजारों लोग रोजाना आते-जाते हैं। बसें भी इसी चौराहे पर रुकतीं हैं, लेकिन यहां एक हैंडपंप तक नहीं है। नगर पालिका टंकी परिसर में पेयजल के लिए टोटियां तो हैं, मगर वे तभी चलती हैं जब बिजली आ रही हो। इसके अलावा यहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम निलोई के इंद्रजीत ने बताया कि मजबूरन यात्रियों को पानी का पाउच खरीदकर प्यास बुझानी पड़ती है।
नवीन बस अड्डा : बस स्टैंड परिसर में पानी की टंकी टूटी है, जिसमें पानी नहीं आता, नल भी खराब पड़ा है। यहां पर जो यात्री आते हैं, वह पानी के लिए परेशान होते हैं। आसपास भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर जो सबमर्सिबल लगा है, वह भी कई दिनों से खराब है। यहां की व्यवस्थाएं देखने के लिए तैनात रोडवेज कर्मचारी संतोष कुमार दिन में लगभग 11 बजे मच्छरदानी लगाए सोता मिला। छिमारा रोड पर रहने वाले आशाराम का कहना है कि यहां आने वाले यात्री इधर-उधर से पानी की व्यवस्था करके ला रहे हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बाहर एक टंकी के माध्यम से टोटियों में पानी आता है। पानी की टंकी काफी दिनों से साफ नहीं की गई है। इसके चलते मरीजों और तीमारदारों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में कोई हैंडपंप नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सुशील यादव ने बताया कि इस केंद्र में प्रतिदिन 500 से ज्यादा मरीज और विभागीय लोग आते हैं। यहां पर पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका से वाटर कूलर लगाने का अनुरोध किया है। शाहजहांपुर निवासी शिवचरण ने बताया कि टंकी में पानी गर्म आता है और गंदा भी लेकिन यही पानी पीने को मजबूर हैं।
खंड विकास कार्यालय : यहां पर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग प्रतिदिन किसी न किसी काम से आते हैं। यहां पशु चिकित्सालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय के अलावा अन्य कई कार्यालय हैं। यहां पर चार हैंडपंप लगे हैं। इनमें से तीन से बालू आता है। इनका पानी पीने योग्य नहीं है। एक हैंडपंप के सहारे खंड विकास कार्यालय में आने वाले ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते हैं।
जल्द कराई जाएगी पानी की व्यवस्था
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी रामेन्द्र सिंह ने बताया कि गर्मी की समस्या को देखते हुए जो हैंडपंप खराब है उसे रीबोर कराया जा रहा है। जहां पानी की व्यवस्था नहीं है, वहां जल्द से जल्द व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव पारित किए गए हैं।

आशाराम- फोटो : ETAWAH

इंद्रजीत- फोटो : ETAWAH

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