खराब कानून व्यवस्था तथा मुआवजा वितरण में किसानों के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार के आरोप लगाते हुए भाजपाई आंदोलित हैं। प्रदेश सरकार को कोसते हुए उन्होंने कचहरी परिसर में धरना दिया।
रिमझिम बरसात के बाद भी बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। बाद में राज्यपाल को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन एडीएम ईश्वरचंद्र को सौंपा।
धरने में इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता भदौरिया ने सपा सरकार पर निशाने साधे। कहा कि प्रदेश कानून व्यवस्था दम तोड़ती जा रही है। पुलिस भी सपा के इशारे पर अपराधियों का साथ दे रही है। पीड़ित पक्ष के साथ हुए अपराध को दबाने के लिए पेशबंदी के तहत अपराधियाें के कहने पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे है।
अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष गोपाल मोहन शर्मा ने अफसरों को चेताया कि वे सपा का कैडर बनकर काम करना बंद कर दें। नहीं तो भाजपा की सरकार आने पर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
कें द्र सरकार ने किसानों को मुआवजा वितरण के 50 फीसदी राशि उपलब्ध कराई है लेकिन सरकार अन्नदाताआें के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। किसानों को 20-20 रुपये के चेक दिए जा रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखते हुए सुरक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मेजर सुनील द्विवेदी ने कहा कि पुलिस और अपराधियों को नेटवर्क काम कर रहा है। कोई भी भर्ती बिना लेन देन के नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से 2.40 रुपये की दर से बिजली देने के लिए तैयार है लेकिन प्रदेश सरकार 5 रुपये प्रति यूनिट की दर से प्राइवेेट कं पनियों से बिजली खरीद रही है। तभी जनता को 7 रुपये यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है।
धरने को पूर्व विधायक केके राज, अशोक दुबे, डा. राजबहादुर सिंह यादव, मनीष यादव पतरे, रामकु मार चौधरी, विक ास भदौरिया, राजेंद्र गुप्ता, डा. रमाकांत शर्मा ने भी संबोधित किया।