ग्रीष्मावकाश के बाद पहली जुलाई को जिले के प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक के 2022 स्कूल खुलने से वहां फिर चहल-पहल शुरू हो जाएगी।
प्राइवेट स्कूल जहां स्टूडेंटों का इस्तकबाल करने के लिए सजे-संवरे दिख रहे हैं वहीं परिषदीय स्कूलों की हालत खराब है। भवनों की साफ-सफाई तक नजर नहीं आ रही। कई स्कूल परिसरों में तो मंगलवार को जलभराव भी देखा गया।
शासन ने इस बार शिक्षण सत्र का समय बदलकर अप्रैल से कर दिया था। 51 दिन के बाद बुधवार से परिषदीय स्कूल फिर से खुलने के लिए जा रहे हैं लेकिन भवनों की साफ-सफाई तक नहीं हुई है। बच्चे सुबह स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें गंदगी में बैठना पड़ सकता है। बरसात होने के कारण परिसरों में पानी भरा हुआ है।
विभाग ने जु़लाई के पहले सप्ताह में ही पाठ्य पुस्तकें छात्रों को उपलब्ध कराने का दावा किया है लेकिन ऐसा न हुआ तो शिक्षण कार्य में बाधा भी खड़ी हो सकती है। आंकड़ों के मुताबिक, स्कूलों में कक्षा 6 से 9 प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। कक्षा 10 तथा 12 में प्रवेश प्रकि या पहली जुलाई से शुरू हो जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत खोले गए 11 विद्यालयाें में टीचरों की कमी से शिक्षण कार्य में बाधा खड़ी हो सकती है। बुधवार से स्कूलों में चहल-पहल शुरू हो जाएगी। छात्र और छात्राओं में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। सबसे ज्यादा उत्साह तो प्राइमरी की कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों में देखा जा रहा है।
जसवंतनगर-भरथना प्रतिनिधि के अनुसार जसवंतनगर क्षेत्र में नगला इच्छा प्राथमिक स्कूल की तो हालत खराब है। स्कूल के अंदर झाड़-झंखाड़ के साथ पानी भरा हुआ है। बाउंड्रीवाल भी टूटी है। इसी हालत में बुधवार को स्कूल बच्चे आएंगे। प्रतापपुरा प्राइमरी स्कूल और भरथना के परिषदीय स्कूलों का हाल बेहाल है।