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सावन के पहले सोमवार नहीं खुले मंदिरों के द्वार

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फोटो संख्या 09 लालपुरा स्थित श्री नीलकंठ मंदिर की सीढिय़ों से हाथ जोड़ती महिला - फोटो : ETAWHA
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सोमवार से सावन का महीना शुरू होने के बावजूद श्रद्धालु मंदिरों में पूजा ही नहीं बल्कि मंदिरों की सीढ़ियों तक पर पैर नहीं रख सके।
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ऐसा कोरोना की वजह से किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिरों के रास्ते पर ही लोगों को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को लगाया गया।
मेले के स्थान पर भी सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने घरों तथा मोहल्ले में स्थित शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना की। शहर में लालपुरा स्थित श्री नीलकंठ मंदिर को जाने वाले रास्ते पर पुलिस लगी थी।
वहीं मंदिर के बाहर महिला पुलिसकर्मी समेत पांच पुलिस कर्मी तैनात रहे। लगभग यही स्थिति सरसईनावर स्थित हजारी महादेव मंदिर की भी रही और मंदिर आए श्रद्धालुओं को लौटाया गया।
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श्री नीलकंठ मंदिर समिति के महामंत्री राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रशासन को पहले ही अवगत करा दिया था कि कोरोना की वजह से सावन के सोमवार को किसी को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
उसी का पालन करते हुए मंदिर की सीढ़ियों के पास शिवभक्तों से बेलपत्र चढ़वाए गए। इसी प्रकार चौगुर्जी स्थित सिद्धपीठ प्राचीन शिव मंदिर के कपट भी बंद रहे। महंत आचार्य भुवनेश मिश्र ने बताया कि मंदिर आने वाले भक्तों से हाथ जोड़कर मंदिर में आने से मना किया गया।
फ्रेंड्स कालोनी स्थित ज्ञान मंदिर भी बंद रहा। यहां पर भी कोरोना संक्रमण के चलते मेला रद्द कर दिया गया। सरसईनावार स्थित हजारी महादेव मंदिर के सभी कपाट बंद रहे। मंदिर जाने के सभी रास्तों और मंदिर परिसर में पुलिस और पीएसी की तैनात थी। बावजूद इसके काफी संख्या में लोग मंदिर पहुंचे जरूर लेकिन सभी को लौटा दिया गया।
मंदिर के गर्भगृह में सुबह मंगला आरती के साथ हजारी महादेव का अभिषेक किया गया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पंचम सिंह और सुरेश तिवारी ने बताया भक्त मंदिर के फेसबुक पेज श्री हजारी महादेव मंदिर सरसईनावार के माध्यम से सोमवार को लाइव दर्शन कर सकते हैं।
शिवालयों के कपाट बंद रहने से भक्तों ने घरों व मोहल्लों में स्थित मंदिरों पर बेलपत्र चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। ग्राम रमायन में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के कपाट बंद रहने से मंदिर आए भक्तों ने सीढ़ियों पर बेलपत्र, फूल आदि चढ़ाकर मंगल कामना की।
नगर मे मोहल्ला होमगंज स्थित श्री भोले कुटीर में मंदिर के कपाट बंद होने से भक्तों ने बाहर से ही पूजा-अर्चना की। मोहल्ला गिरधारीपुरा में नाग मठिया में पूजा करने आई सुमन पोरवाल ने बताया कि घर में पूजा करने के बाद नाग मठिया में बेलपत्र चढ़ाने आई हैं।
इसी मोहल्ले की सुषमा यादव ने बताया कि उन्होंने परिवार के साथ घर में पूजा-अर्चना की।यमुना के किनारे बीहड़ में बसे हिडम्बेश्वर हमीरपुरा बाले बाबा के मंदिर पर बीहड़ की पगडंडियों से पहुंचकर भक्तों ने शिव जी की आराधना की।
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कस्बा लखना स्थित बंदर बाले बाग, मखनू मंदिर, डाकघर प्राचीन मंदिर, तालेश्वर महाराज मंदिर, स्टेट बैंक मंदिर व नहर के किनारे शिव मंदिर पर सुबह से ही शिवभक्तों ने पहुंचकर भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, फूल, गन्ना व गंगाजल चढ़ाकर मनोकामना मांगी।
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