क्षेत्र में मिले दो महिलाओं के शव की पुलिस न तो शिनाख्त करवा पाई न ही उनके हत्यारों का सुराग लगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही और सुस्त रवैैये को भांप कर अपराधी इस क्षेत्र को शव ठिकाने लगाने का अड्डा बनाते जा रहे हैं।
बकेवर थाना क्षेत्र के महिपालपुर गांव के पास शनिवार को नहर में करीब 45 साल की एक महिला का शव झाड़ियों में उलझा मिला था।
उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। मुंह से झाग निकला हुआ था। 48 घंटे बाद भी महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस यह मानकर चल रही है कि शव नहर में बहता हुआ आया है।
लेकिन शव के पास मिली शराब की खाली बोतल, गिलास और पेट्रोल जैसे पदार्थ से भरी बोतल से शंका जाहिर हो रही कि महिला को यहां लाकर मारने के बाद नहर में फेंका गया होगा।
कंगन और बिछिया पहने होने से शादीशुदा दिखने वाली महिला के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में सुनील नाम भी गुदा मिला है। सुनील कौन है और उसका महिला का क्या रिश्ता था। इसका भी खुलासा नहीं हो पाया है।
शिनाख्त न होने से शव को 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके बाद ही पोस्टमार्टम होगा। थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह ने बताया कि शव की फोटो कई व्हाट्सअप ग्रुप पर डाली गई, ताकि शिनाख्त हो सके। पुलिस के प्रयास लगातार जारी हैं।
इससे पहले 25 जून को बिजौली गांव के खेत में एक अविवाहित दिखने वाली गर्भवती युवती का शव भी बरामद हो चुका है।
पुलिस की कई टीमें शव की फोटो लेकर गैर जिलों में जाकर लौट चुकी हैं। लेकिन ऑनरकिलिंग से जोड़कर देखे जा रहे इस मामले में भी पुलिस के हाथ में अब तक कुछ नहीं लगा है।