बाइस ख्वाजा रोड पर लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में मौजूद गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर इटावा और जसवंतनगर थाना क्षेत्र में हुई सात वारदातों का खुलासा किया। गिरोह के सदस्यों के पास से लूट का 5.71 लाख रुपया, तीन तमंचा, 18 कारतूस व लूट में प्रयुक्त की जाने वाली दो बाइकें बरामद की गई।
एसएसपी मंजिल सैनी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान गिरोह की गिरफ्तारी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सिरसागंज का यह गिरोह शहर और आसपास के क्षेत्र में होने वाली लूट की सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दे रहा था।
इनके खिलाफ सिरसागंज थाने में लूट आदि के मामले दर्ज हैं। खास बात यह कि लुटेरे लूट की घटना को अंजाम देने के लिए हर बार नए मोबाइल और सिम का इस्तेमाल करते थे, जिससे पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहे थे। एसएसपी ने लुटेरों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
इटावा और जसवंतनगर क्षेेत्र में हाल के महीनों में लूट की कई सनसनीखेज वारदातें हुई हैं। खासतौर पर बैंक से रकम लेकर जाने वाले लोगों को लुटेरे अपना निशाना बनाते रहे हैं। एसएसपी के मुताबिक 10 दिसंबर को सूचना मिली कि बाइस ख्वाजा रोड पर गिरोह के सदस्य लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
इस पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरोह के लीडर वासुदेव उर्फ बाशू पुत्र संतोष सिंह, विनोद पुत्र रामेश्वर दयाल, अमित उर्फ चेला पुत्र प्रेमपाल सभी निवासी अहमदपुर थाना सिरसागंज और बाल गोविंद निवासी भोगीपुरा थाना जसवंतनगर को गिरफ्तार दोनों थाना क्षेत्रों में हुई सात वारदातों का खुलासा किया है।
इनके पास से लूट का 5 लाख 71 हजार 700 रुपये, तीन तमंचा, 18 कारतूस और लूट में इस्तेमाल की जाने वाली दो बाइकें बरामद हुई हैं। एसएसपी ने बताया कि पकड़ा गया गिरोह फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र के अहमदपुर का है।
गिरोह के सदस्य खासतौर पर सोमवार के दिन बैंक से रकम निकालने वालों को निशाना बनाते थे। वारदात से पहले बालगोविंद उर्फ गोविंद उर्फ सत्यप्रकाश बैंक के अंदर रैकी करता था कि किसने कितनी रकम निकाली। इसके बाद मौका पाकर वारदात को अंजाम देते थे।
गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने शहर में मुनीम के साथ हुई लूट की घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस के जरिए इनको पकड़ने में सफलता हासिल की। लुटेरे आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी में लूट की वारदात को अंजाम देने पर जेल भी जा चुके हैं।