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लोगों की पहली पसंद मिठाई वाला पापड़

Mon, 02 Mar 2015 10:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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होली के त्योहार पर गुझिया के साथ ही पापड़ की डिमांड अधिक रहती है। ऐसी स्थिति में शहर से लेकर गांव और कस्बों के बाजारों में पापड़ की दुकानें सजकर तैयार हो गई हैं।
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रंगबिरंग पापड़ों की तुलना में नामचीन कंपनियों के पापड़ ग्राहक ज्यादा पसंद कर रहे हैं। स्थिति यह है कि बाजार में चालीस रुपये से लेकर दो सौ रुपये प्रति किलो तक का पापड़ मौजूद है। इस वर्ष मिठाई वाला पापड़ कुछ ज्यादा ही पसंद किया जा रहा है।

जितनी बिक्री पापड़ की वर्ष भर में नहीं होती, उससे कई गुना अधिक बिक्री होली के त्योहार पर हो जाती है। भले ही इस वर्ष होली से पहले मौसम खराब है, लेकिन पापड़ की दुकानें बाजारों में सज चुकी हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगे पापड़ों के ढेर नजर आ रहे हैं।
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नामचीन कंपनियों ने भी पापड़ों की कई वैरायटी बाजार में बिक्री के लिए उतारी हैं। दुकानदारों की मानें तो पापड़ 40 रुपये से लेकर दो सौ रुपये प्रति किलो तक बिक्री के लिए मौजूद हैं। इस वर्ष मिठाई पापड़ बाजार में नया है। साबूदाना और सूजी से बने यह पापड़ मिठाई की डिजाइन के हैं।

सबसे ज्यादा इमरती बिक रही है। इसकी कीमत डेढ़ सौ से दो सौ रुपये प्रति किलो है। इसके साथ ही कोलचा पापड़ भी नया है। साबूदाना से बना यह पापड़ दौ सौ रुपये किलो के आसपास बेचा जा रहा है।

पापड़ में आलू चिप्स, केला चिप्स के साथ ही चुर्रामुर्रा, साबूदाना का पापड़, दाल के पापड़, साजी और पनीर के पापड़ बाजार में उपलब्ध है। चुर्रामुर्रा की बिक्री इस वर्ष 40 रुपये किलो के आसपास हो रही है। जबकि साबूदाना और पनीर के पापड़ 80 रुपये किलो के आसपास बिक रहे हैं। दुकानदार सद्दाम ने बताया कि दो दर्जन वैराइटी के पापड़ बाजार में उपलब्ध हैं।

पूर्व सीएमएस डा. वीएस अग्निहोत्री का कहना है कि पापड़ अच्छी कंपनी का खरीदें। क्योंकि बाजार में सस्ती दर पर बिकने वाले पापड़ों में घटिया क्वालिटी का कलर इस्तेमाल होता है। यह कलर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
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