इटावा। इटावा महोत्सव के प्रदर्शनी पंडाल में रविवार रात को अखिल भारतीय संगीत सम्मेलन (मेगा नाइट) में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित गायक कैलाश खेर ने कैलाशा बैंड के साथ लाइव परफॉर्मेंस की। इस दौरान उन्होंने अपने गीतों की प्रस्तुति दी तो पूरा पंडाल तालियों की आवाज से गूूंज उठा। उन्होंने अपने गानों में इटावा का नाम जोड़कर माहौल को और भी दिलचस्प बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने आईएमपीएल में अपनी टीम की जीत के लिए दर्शकों से वोट करने की अपील भी की।
इटावा महोत्सव के म्यूजिकल कॉन्फ्रेंस का सांसद प्रो. राम शंकर कठेरिया और डीएम श्रुति सिंह ने शुभारंभ किया। इसके बाद कैलाश खेर ने अपने तरानों से मेगा नाइट की शुरुआत की, जो रात एक बजे तक लगी। कैलाश ने अपने बैंड कैलाशा के साथ ‘कैसे बताएं क्यूं तुमको चाहें, यारा बता न पाएं’ व ‘पिया के रंग रंग दीनी ओढ़नी’ से मेगा नाइट की शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा ढोलना, बाहुबली फिल्म का गीत जय-जयकारा, फिर तेरी दीवानी, क्या कभी अंबर से जैसे गानों से लोगों का मनोरंजन किया। इस दौरान उन्होंने आईएमपीएल में मुंबई वरियर्स को मिल रहे वोट को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया। इटावा को सॉफ्ट शहर बताते हुए कहा कि यहां से अच्छी यादें लेकर जा रहा हूं।
इसके बाद कैलाश ने अपने बैंड का परिचय दिया, जिसमें सुरेश कामत, विवेक कामत व पश्चिम बंगाल के तपस रॉय का जिक्र किया जो 25 वाद्य यंत्र बजाने का हुनर रखते हैं। उनके साथ गिटार पर परेश कामत, बास पर नरेश कामत, ड्रम पर विनायक, की बोर्ड पर समीर चिपलुंकर, एकॉस्टिक गिटार पर शंकरसन किनी शामिल रहे। बैंड ने पूरा लंदन ठुमकदा गीत सहित अन्य गानों की धुन बजाई। फिल्मी गानों पर कैलाश ने दर्शकों का भी साथ लिया तो दर्शक भी उनके साथ गुनगुनाते नजर आए।
कैलाश ने या रब्बा, दिलबर पे हो न कोई असर, आज मेरे पिया घर आए, टूटा-टूटा एक परिंदा ऐसे टूटा, बम लहरी, यूं ही चला चल राही, चक दे फट्टे जैसे गाने गाए तो पंडाल में मौजूद युवा देर रात तक झूमते रहे। कार्यक्रम में एंकरिंग गुंजन राजपूत व मोनिका पांडे ने की। इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, सीजेएम विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी प्रशांत कुमार, सीएफओ तबारक हुसैन, सीपू चौधरी, तरनपाल सिंह कालड़ा, एडीएम जय प्रकाश, एसएसपी आकाश तोमर व उनकी मां, प्रदर्शनी कार्यकारिणी के सदस्य, तहसीलदार सदर एन राम आदि मौजूद रहे।
कैलाश के बुलाने पर मंच पर युवतियों ने लगाए ठुमके
लाइव परफॉर्मेंस के दौरान कैलाश ने कहा कि वे जहां भी प्रोग्राम करते हैं वहां पर वह दर्शकों में से कुछ किशोरियों, युवतियों या महिलाओं को मंच पर नृत्य करने के लिए जरूर आमंत्रित करते हैं। उनके आमंत्रण पर दर्शक दीर्घा से युवतियों की मंच पर जाने की होड़ लग गई। हालांकि आठ-दस लोगों को ही मंच पर जाने दिया गया। इन लोगों ने कैलाश के साथ ढोल वजदा टुंबा वजदा और जोगन चली रे पर जमकर ठुमके लगाए। इनमें प्रदीप्ति, निशी, दीक्षा, उर्मिला, शिवानी, शांभवी पाठक, प्रसिद्घि, प्रतीक्षा, डॉ. रंजना आदि ने मंच से आने के बाद कहा कि यह पहली बार हुआ है, जब किसी गायक ने मंच पर दर्शकों को बुलाया।