इटावा। फिल्म स्टार अन्नू कपूर देश में चल रहे असहिष्णुता के माहौल को पूरी तरह से राजनीतिक मानते हैं। वह कहते हैं कि 1984 के दंगे, ट्रेन ब्लास्ट, आतंकवाद और मुंबई ब्लास्ट क्या असहिष्णुता नहीं थी। देश में ऐसी गड़बड़ी पहली बार नहीं हुई लेकिन वह समझ नहीं पा रहे कि अब हस्तियों ने इसे महसूस कर अवार्ड वापस करने का निर्णय क्यों लिया। उन्होंने कहा कि ऊंचे पदों पर कब्जा रखने के लिए देश में हमेशा से भाई भतीजावाद रहा है। यह देश की पुरानी बीमारी है। देश अगर कड़े तेवर अख्तियार नहीं करता तो इसके परिणाम सभी को झेलने पडे़ंगे। इसलिए सिर्फ देशभक्त होने की बात करने से काम नहीं चलेगा, सभी को देश के लिए स्वयं जिम्मेदार बनाना पडे़गा।
जनपद में आयोजित तेईसवें वार्षिक हिंदी सेवी सम्मान समारोह में कुमुद भूषण विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान से सम्मानित हुए फिल्म अभिनेता अन्नू कपूर ने सुमेर सिंह किला गेस्ट हाउस में अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि देश शालीनता और मर्यादा की भाषा छोड़ नीचे जा रहा है। देश में 1984 से अभी तक कई ऐसी गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं जिनसे देश हिल गया लेकिन कभी कोई सामने नहीं आया। वहीं अब असहिष्णुता की बात कहकर सम्मान वापस लौटाना पूरी तरह से राजनैतिक है।
उन्होंने कहा कि देश सशक्त होगा तो बालीवुड सशक्त होगा। किसी मुद्दे पर लोगों के दो फाड़ होने से बालीवुड पर इसका बड़ा असर नहीं होगा। पुणे फिल्म संस्थान के निदेशक पद पर गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के विरोध में चल रहे आंदोलन को वह देश की पुरानी बीमारी भाई भतीजावाद का नतीजा मानते हैं। वह कहते हैं कि देश में अनादिकाल से यह होता आया है बड़े पदों पर अपनों को काबिज करने के लिए यह सब होता आया है। कुल मिलाकर कहा जाए तो देश का हाल ब्लैक एंड ह्वाइट की जगह अब ग्रे एंड ह्वाइट हो चला है जो देश के लिए ठीक नहीं।
ड्ढह्व मंगल हो फिल्म में एक वैज्ञानिक की भूमिका में दिखाई देंगे। एक ऐसा वैज्ञानिक जो पृथ्वी वासियों को मंगल ग्रह पर बसाना चाहता है और लोगों को खुशहाल जीवन देना चाहता है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही वह जल्द एक रियलटी शो में भी होस्ट के रूप में देशवासियों के सामने होंगे।