बकेवर कस्बे के मड़ैया दिलीप नगर में शुक्रवार को भीषण आग लगने से दस घर तबाह हो गए। दो जानवरों की मौत हो गई। बढ़ती आग को रोकने के लिए ग्रामीणों ने खुद ही अपने घरों के छप्पर तोड़ डाले। इसकी वजह से आग गांव में फैल नहीं सकी। सूचना पर छोटी फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, फोम के जरिए आग को बुझाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। एसडीएम व सीओ और क्षेत्रीय थाना प्रभारी घटना स्थल पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि आग लगने की वजह का पता नहीं चला है। जांच चल रही है, पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।
बकेवर थाना के बीहड़ ग्राम मड़ैया दिलीप नगर जो यमुना नदी के किनारे बकेवर से करीब 11 किमी दूर बसा है। गांव में केवल मल्लाह जाति के लोग ही रहते हैं। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अचानक अज्ञात कारणों से आग लगने से कई घर जल गए। आग सबसे पहले रोशन पुत्र हरिराम के जानवर बाड़े में लगी। देखते ही देखते आग ने छप्परों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग लगने की सूचना फ ोन से फायर ब्रिगेड व थाना पुलिस को दी। उस समय थाना बकेवर प्रभारी आलोक राय जिला मुख्यालय पर क्राइम मीटिंग में थे, सूचना सीधे मड़ैया दिलीप नगर पहुंचे।
सूचना पाकर सीओ भरथना विकास जायसवाल थानाध्यक्ष चकरनगर अनूप तिवारी, थानाध्यक्ष लवेदी अनिल यादव भी इटावा से सीधे मड़ैया दिलीप नगर पहुंचे।तब तक एसडीएम चकरनगर जितेंद्र श्रीवास्तव, तहसीलदार चकरनगर पवन पाठक मड़ैया दिलीपनगर पहुंचे। फ ायर सर्विस की एक छोटी गाड़ी पहुंची। तब तक ग्रामीणों तथा पड़ोस के गांव इकनौर के लोगों ने मिलकर हैंडपंप नलकूप आदि से पानी की व्यवस्था कर आग पर काफ ी हद तक काबू पा लिया था। आग की चपेट में आने से रोशन पुत्र हरिराम, संतोष पुत्र हरिराम, कोमल पुत्र चैनसुख, पप्पू पुत्र मुन्नीलाल, रामश्री पत्नी दशरथ, शिवसिंह पुत्र रामप्रकाश, खेमचन्द पुत्र रामप्रकाश, फूलसिंह पुत्र जोरावर, दीपू पुत्र रोशन लाल, राजनारायण पुत्र जोरावर, रामबीर पुत्र रामबाबू, के घर जल कर खाक हो चुके थे। इनके घरों में रखा गृहस्थी का सारा सामान जल चुका था। संतोष की एक भैंस व खेमचंद की भैंस जलकर मर चुकी थी। उपजिलाधिकारी चकरनगर जितेंद्र श्रीवास्तव ने ग्राम प्रधान विनीता देवी के सहयोग से राशन डीलर से जिन लोगों के घर का पूरा सामान जल गया था उनको खाने पीने का सामना उपलब्ध कराने की बात कही।