बसरेहर (इटावा)। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में अपने पुराने स्कूल में ही पढ़ाई करने के लिए छात्र ने पिता का डेबिट कार्ड चुरा लिया। भरथना चौराहे के एक एटीएम से 80 हजार रुपये निकाले और पुराने कोचिंग सेंटर पर जाकर पढ़ाई करने लगा। मोबाइल नंबर को ट्रेस कर पुलिस बल्लभगढ़ पहुंची और छात्र को पकड़ कर पिता के सुपुर्द कर दिया।
गांव नैनसुख निवासी ग्रामीण फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में एक फैक्टरी में काम करते थे। उनके बच्चे वहीं पढ़ते थे। कोरोना काल में हाथ में चोट लगने से हाथ कटवाना पड़ा। इससे उनका काम छूट गया। जुलाई 2021 में वह परिवार के साथ गांव आकर रहने लगे। 16 वर्षीय बेटे का दाखिला कक्षा 10 में करना चाहते थे। बेटा फरीदाबाद में ही पढ़ना चाहता था। वह 15 मई को घर से पिता का डेबिट कार्ड लेकर भाग गया। तीन-चार दिन आसपास के गांवों और रिश्तेदारियों में तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। 19 मई को पिता ने बसरेहर थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई।
डेबिट कार्ड ट्रेस करने पर पुलिस को भरथना चौराहे के एक एटीएम से दो बार में 80 हजार रुपये निकालने की जानकारी हुई। छात्र के मोबाइल की लोकेशन फरीदाबाद में मिली। दरोगा मुकुंद लाल और सिपाही सनी बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) पहुंचे और छात्र के पुराने कोचिंग सेंटर में जाकर जानकारी ली। वहां बताया गया कि कोचिंग पढ़ कर वह कमरे में जा चुका है। कमरे पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से 76 हजार रुपये मिले हैं। मोहित ने पुलिस को बताया कि वह बल्लभगढ़ में ही बढ़ना चाहता है। पुलिस ने छात्र को पिता के सुपुर्द कर दिया है।