सैफई (इटावा)। चिकित्सा विश्वविद्यालय में तैनात डॉक्टर पर सहकर्मियों से अभद्रता करने का आरोप लगाकर सोमवार को करीब 200 नर्सिंग कर्मियों ने हड़ताल कर दी।
हड़ताली कर्मियों ने ट्रामा सेंटर के गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यवाहक कुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने ब्लड बैंक प्रभारी को हटाने के साथ जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बना दी। इसके बाद नर्सिंगकर्मी काम पर लौट गए। हड़ताल से करीब चार घंटे बाद मरीजों को दिक्कत हुई।
नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गोयल ने बताया सोमवार को यूनियन की तरफ से विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर लगाया गया। अध्यक्ष का आरोप है कि ब्लड बैंक के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. विनीत चतुर्वेदी ने शिविर में अवरोध उत्पन्न करने की मंशा से नर्सिंग कर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
इसके विरोध में नर्सिंग यूनियन के पदाधिकारियों के साथ नर्सिंग कर्मियों ने डॉक्टर के निलंबन की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। नर्सिंग कर्मियों के काम बंद कर धरने पर बैठने की सूचना पर कार्यवाहक कुलपति, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, एसडीएम एनराम, सीओ साधुराम, सैफई थाना प्रभारी मोहम्मद हामिद सिद्दीकी, वैदपुरा थाना प्रभारी अनिल मणि त्रिपाठी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
कार्यवाहक कुलपति और एसडीएम ने नर्सिंग यूनियन के पदाधिकारियों से बात की। कुलपति ने अभद्रता की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की और 24 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिया। डॉ.विनीत चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से ब्लड बैंक प्रभारी पद से हटा भी दिया। इसके बाद नर्सिंगकर्मी काम पर लौट गए।
इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित रहीं
मेडिकल यूनिवर्सिटी में नर्सिग कर्मियों की हड़ताल से चार घंटे तक समस्या रही। इमरजेंसी में सेवाएं भी बाधित रहीं। इस दौरान मरीजों को भी असुविधा हुई। नर्सिंग कर्मियों के गेट के सामने धरने पर बैठने की वजह से ट्रामा सेंटर व इमरजेंसी का रास्ता भी बंद रहा।
रक्तदान शिविर भी हुआ निरस्त
विश्वरक्तदाता दिवस पर मेडिकल यूनिवर्सिटी में 125 से ज्यादा नर्सिंगकर्मी रक्तदान करने के लिए तैयार थे। नर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के चलते रक्तदान शिविर भी निरस्त कर दिया गया। रिम्स एंड आर नर्सेस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल, महामंत्री सत्येंद्र सिंह चौधरी ने बताया के डॉक्टर के अभद्र व्यवहार के कारण रक्तदान शिविर निरस्त करना पड़ा है।