इटावा। नमामि गंगे और नमो कालिंदी के योजना अंतर्गत सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर व पचनद यमुना नदी मित्र समिति ने सोमवार को मंदिर कालेश्वर गढ़िया में जागरुकता कार्यक्रम किया। संगठन के महासचिव डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि नदियों को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। हरिशंकरी पौधे भी लगाए गए।
डॉ. राजीव ने बताया नदियों के तटों पर स्थित मंदिरों के पुजारी व महंतों के माध्यम से प्लास्टिक का प्रयोग न करने और जैव विविधता संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। मंदिरों में भी प्लास्टिक व पॉलीथिन का प्रयोग वर्जित करने का माहौल तैयार किया जाएगा। अभियान की शुरुआत पांच नदियों के संगम स्थल पचनद के कालेश्वर महादेव मंदिर से की जाएगी। अभियान यमुना नदी तट पर स्थित बटेश्वर से प्रयागराज के संगम तक चलाया जाएगा। 900 किलोमीटर की इस दूरी में 100 मंदिर पर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा ।
भागवताचार्य स्वामी विश्वात्मा वन ने पर्यावरण संरक्षण के लिए धार्मिक गुरुओं को जागरूकता का संदेश अपने सभी कार्यक्रमों में देना चाहिए।
पर्यावरण गतिविधि कानपुर प्रांत के संयोजक एडवोकेट महेंद्र चौहान ने बताया कि इस वर्ष की थीम पृथ्वी एक है और हमें पृथ्वी के सभी पारिस्थितिकी तंत्रों को जीवंत बनाए रखना है। वन्यजीव विशेषज्ञ संजीव चौहान ने बताया कि नदियों की जैव विविधता को बचाने में ग्रामीणों की भूमिका बढ़ाई जाएगी। इसके लिए 50 गांव चिह्नित किए गए हैं। इंद्रभान सिह परिहार, सूर्जा देवी, दिलीप सिह, अतिवलेंद्र सिंह, शिवम शाक्य, प्रदीप, गजराज, विनोद पाल, प्रिंसी व प्रीति आदि मौजूद रहे।
कैस्त गांव में लगाए गए पौधे
जसवंतनगर। पर्यावरण सप्ताह के तहत कैस्त गांव में प्रधान कमला देवी ग्रामीणों के साथ पौधे लगाए। अखिल भरतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने भी पौधरोपण किया। ऋतिक गुप्ता, ओम बघेल, हिमांशु प्रजापति, यश दुबे, रोहित राजपूत, हर्षित गुप्ता, रजत, विनय शर्मा, रोहित आदि मौजूद रहे। (संवाद)