पत्रकारों से वार्ता करतीं माकपा नेता सुभाषिनी अली।
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इटावा। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि सपा-बसपा और भाजपा में से कोई भी प्रदेश का भला नहीं कर सकता। उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भाजपा के भविष्य का फैसला करेगा। चुनाव जरूरी मुद्दों को भुलाकर सांप्रदायिकता और जातिवाद के ध्रुवीकरण पर जा टिका है। ऐसे में वामदलों ने जनता को उनके हितों के प्रति जागरूक करने की तैयारी की है। जिससे त्रिपुरा और केरल की तरह उत्तरप्रदेश भी खुशहाल हो सके।
रविवार को सिविल लाइन स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में माकपा नेता सुभाषिनी अली ने भाजपा-सपा और बसपा पर निशाना साधा। कहा कि प्रदेश में इन दलों की ही सरकारें रहीं, लेकिन किसी भी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और उद्योग के लिए कुछ नहीं किया। नोटबंदी से देश की जनता बेहाल है। भाजपा की आर्थिक नीति और सांप्रदायिकता जनता से छुपी नहीं है।
आजकल को दल बदलने का ट्रेंड हो चला है। नीतियां एक सी होने के कारण एक दल के नेता दूसरे में शिफ्ट हो जाते हैं। जिससे हमेशा जनता का ही नुकसान हो रहा है। वाम मोर्चे ने इस बार प्रदेश में 130 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर जमीन तैयार करनी शुरू की है। ताकि प्रदेश के गरीबों का भला हो सके।
उन्होंने सपा के अंदर हुए दो फाड़ को सत्ता के लालच का नतीजा बताया। पूर्व में सपा के साथ हुए समझौते को मजबूरी का एलाइंस बताया। कहा कि भाजपा को रोकने के लिए ऐसे फैसले लिए गए थे। प्रेसवार्ता के दौरान माकपा जिलाध्यक्ष मुकुट सिंह, माकपा प्रत्याशी अमर सिंह आदि मौजूद रहे।