श्रम विभाग में पंजीकृत और 168 मजदूरों के घर सोलर लाइटों से रोशन होंगे। दो साल तक खराब होने पर इनकी मरम्मत का काम गैर पारंपरिक ऊर्जा विकास एजेंसी (नेडा) कर रही है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा श्रमिकों के लिए चलाई जा रहीं अनेक योजनाओं के तहत सोलर लाइट योजना भी है। इसके तहत श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को सरकार की ओर से मुफ्त सोलर लैंप दिए जा रहे हैं। 496 मजदूरों में 328 को योजना का लाभ मिल चुका है।
बाकी 168 मजदूरों को जून तक सोलर लैंप का वितरण किया जाना है। दरअसल आर्थिक स्थिति खराब होने से ज्यादातर मजदूर बिजली का कनेक्शन नहीं ले पाते। ऐसे में उन्हें केरोसिन से जलने वाले लैंप से गुजारा करना होता है। रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से उनके बच्चों को पढ़ाई में दिक्कतें होती हैं।
मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से सरकार ने उन्हें सोलर लैंप देने की योजना बनाई है। इसके लिए श्रम विभाग के पास बड़ी संख्या में आवेदन आ रहे हैं। सोलर पैनल की कीमत 9500 रुपये है। योजना के तहत प्रत्येक घर में सीएफएल तथा एलईडी जलाने के लिए चार स्विच लगाए जाएंगे।
इसके अलावा एक मोबाइल चार्जिंग के लिए भी स्विच होगा। घर के ऊपर छत पर पैनल लगाया जाएगा और नीचे 12 वोल्ट की बैटरी लगाई जाएगी। यदि सोलर लाइट में किसी प्रकार की कोई खराबी आती है तो मरम्मत के लिए नेडा से संपर्क करना होगा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी, कुंअर सिंह कहते हैं श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों की ऊर्जा से संबंधित आवश्यकता को पूरा करने के लिए सोलर लाइट दी जारी हैं। स्वीकृत 496 सोलर लाइटों में 328 का वितरण हो चुका है। शेष का वितरण जून के अंत तक कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि सोलर लाइट मिलने से मजदूरों का जीवन स्तर सुधरेगा।