फोटो 19:: गिरफ्तार आरोपी। स्रोत पुलिस
सैफई। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय और जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को सीआईडी विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देता था। पुलिस ने उसके कब्जे से 2.72 लाख रुपये, पांच मोबाइल फोन, फर्जी आयुष्मान कार्ड, दो चेन और आठ अंगूठियां बरामद की हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र के बुझिया गांव निवासी विजय बहादुर सिंह (50) के खिलाफ फिरोजाबाद के सिरसागंज निवासी बेबीरानी की शिकायत पर 10 अक्तूबर को धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कौशल कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को 11 अक्तूबर की रात करीब 12:20 बजे गिरफ्तार कर लिया। शनिवार दोपहर आरोपी सेना की वर्दी पहनकर और पहचान पत्र लेकर आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा था।
वहां बेबीरानी से झड़प होने पर सुरक्षाकर्मियों और लोगों ने उसे पकड़ लिया था। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर उससे दो लाख रुपये से अधिक लिए थे। घटना के दौरान दोनों के बीच खींचतान हुई थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बाद में आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
सीओ केपी सिंह ने बताया आरोपी की तलाशी में तीन कीपैड और दो एंड्रॉइड मोबाइल मिले। इसके अलावा 2.72 लाख रुपये, फर्जी आयुष्मान कार्ड, दो चेन और आठ अंगूठियां बरामद हुईं। बरामद नकदी में 22 हजार रुपये तलाशी के दौरान मिले, जबकि 2.50 लाख रुपये मुकदमे से संबंधित बताए गए हैं।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खुद को सीआईडी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को अपना पहचान पत्र दिखाता था और सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगवाने का झांसा देता था। वह विश्वविद्यालय और जिला अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपये लेता था। पुलिस मामले में ठगी के अन्य संभावित मामलों और आरोपी के संपर्कों की भी जांच कर रही है।